सहारनपुर : सहारनपुर विकास प्राधिकरण ने सीलिंग की ज़मीन का स्वरूप बदलने के मामले में शिकायत दर्ज कराई है। इसमें शोरूम संचालक को आरोपी बनाया गया है, जिसने फ़ाइल में ज़मीन को सीलिंग से मुक्त दिखाने वाला फ़र्ज़ी पत्र लगाया था। पूरा मामला ज़िलाधिकारी के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने एसडीएम को दो बिंदुओं पर जाँच कर रिपोर्ट देने और दोषी कर्मचारियों व लोगों के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज करने के आदेश दिए। इसके बाद प्राधिकरण ने सचिव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की।
आपको बता दें कि सदर तहसील के खान आलमपुरा में खसरा संख्या 262/1 की 4920.96 वर्ग मीटर से ज़्यादा ज़मीन राज्य सरकार ने वर्ष 1993 में अपने अधीन ले ली थी। अधिनियम 1976 के तहत 28 जनवरी 2002 को ज़मीन के प्रबंधन और बंदोबस्त की ज़िम्मेदारी सहारनपुर विकास प्राधिकरण को सौंप दी गई।
आरोप है कि फ़र्ज़ी हस्ताक्षर बनाकर सीलिंग की ज़मीन का स्वरूप बदल दिया गया। इसके बाद ज़मीन पर एक इमारत का निर्माण भी कर दिया गया। मामले का खुलासा तब हुआ जब प्राधिकरण ने ख़ुद अपर ज़िलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को पत्र लिखकर पूछा कि विभाग द्वारा भेजा गया कौन सा पत्र सही है। एक पत्र में ज़मीन को सीलिंग से मुक्त बताया गया था, जबकि दूसरे पत्र में ज़मीन को सीलिंग मुक्त बताया गया था। जब अपर ज़िलाधिकारी वित्त एवं राजस्व से सीलिंग मुक्ति का पत्र माँगा गया, तो वह पत्र भी उपलब्ध नहीं कराया गया।

