गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा ज़िले में आरपीएफ की हिरासत में 35 वर्षीय संजय सोनकर की मौत हो गई। संजय को मालगाड़ी से सरसों के तेल के डिब्बे चुराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। संजय की हिरासत में हुई मौत के सिलसिले में, उसके परिवार ने नगर थाने में दो आरपीएफ सब-इंस्पेक्टर, एक कांस्टेबल और कई अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने तीनों को निलंबित कर दिया है।
संजय सोनकर के भाई राजू सोनकर ने आरोप लगाया कि मंगलवार सुबह 11:30 बजे आरपीएफ सब-इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार, सब-इंस्पेक्टर करण सिंह यादव, कांस्टेबल अमित कुमार यादव और कई अन्य आरपीएफ कर्मियों ने उनके भाई को मोतीगंज के किनकी स्थित उनके घर से पूछताछ के लिए मोटरसाइकिल पर बिठाया। शाम 4:30 बजे वे उसे गाँव वापस लाए और बरुवाचक में एक दुकानदार के पास ले गए।
इसके बाद संजय को वापस सफेद रंग की कार में ले जाया गया, जहाँ उसके साथ मारपीट की गई और उसे जानलेवा चोटें पहुँचाई गईं। संजय का शव अगले दिन सुबह 10 बजे जिला अस्पताल के शवगृह में मिला। राजू सोनकर का आरोप है कि उसके भाई की हत्या उप-निरीक्षक सुरेंद्र कुमार, उप-निरीक्षक करण सिंह यादव, कांस्टेबल अमित कुमार यादव और कई अन्य आरपीएफ कर्मियों ने की है।
अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) मनोज रावत ने बताया कि बुधवार को मोतीगंज थाना क्षेत्र के किनकी गाँव निवासी एक व्यक्ति ने कोतवाली नगर थाने में सूचना दी कि उसके भाई संजय सोनकर को मंगलवार को आरपीएफ ने चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था और उसकी मौत हो गई।
परिवार का आरोप है कि आरपीएफ ने इस घटना की साजिश रची। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। संजय के भाई राजू सोनकर की शिकायत के आधार पर तीन आरपीएफ कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है, इसलिए विसरा सुरक्षित रख लिया गया है। उप-निरीक्षक सुरेंद्र कुमार, उप-निरीक्षक करण सिंह यादव और कांस्टेबल अमित कुमार यादव को निलंबित कर दिया गया है और उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया है।

