गाजियाबाद : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में चर्चित सूर्य प्रताप चौहान हत्याकांड से जुड़ी एक बड़ी घटना सामने आई है। इस मामले का मुख्य आरोपी और 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश असद पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया, जिसकी बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, असद लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा था। इस कार्रवाई के दौरान एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ, जबकि आरोपी का एक साथी मौके से फरार होने में सफल रहा।
सूर्य प्रताप हत्याकांड के बाद से फरार था असद
खोड़ा थाना क्षेत्र में रहने वाले 17 वर्षीय सूर्य प्रताप चौहान की हत्या के बाद से यह मामला लगातार चर्चा में था। पुलिस जांच में असद को इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी माना गया था। हत्या के बाद वह पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था। गाजियाबाद पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुटी थीं। स्थानीय स्तर पर लगातार निगरानी और मुखबिर तंत्र के जरिए उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। पुलिस का कहना है कि कई बार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश भी दी गई, लेकिन वह हर बार बच निकलने में कामयाब रहा।
मुखबिर की सूचना पर शुरू हुआ संयुक्त अभियान
पुलिस के अनुसार, 31 मई 2026 को खोड़ा और इंदिरापुरम थाना पुलिस को एक महत्वपूर्ण सूचना मिली। मुखबिर ने बताया कि सूर्य प्रताप हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद एक मोटरसाइकिल पर इलाके में घूमता देखा गया है। सूचना मिलते ही दोनों थानों की पुलिस ने संयुक्त रूप से चेकिंग अभियान शुरू किया। पुलिस टीम विभिन्न स्थानों पर वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान ग्रीन बेल्ट क्षेत्र की ओर से एक संदिग्ध मोटरसाइकिल पर दो युवक आते दिखाई दिए। पुलिसकर्मियों ने टॉर्च की रोशनी दिखाकर उन्हें रुकने का संकेत दिया, लेकिन दोनों युवकों ने रुकने के बजाय मोटरसाइकिल की रफ्तार बढ़ा दी और वहां से भागने लगे।
पुलिस का पीछा और फायरिंग का दावा
पुलिस के मुताबिक, संदिग्धों के भागने पर उनका पीछा शुरू किया गया। पीछा करते हुए पुलिस टीम वसुंधरा सेक्टर-1 के एक खाली मैदान तक पहुंची। इसी दौरान आरोपियों ने कथित रूप से पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस का दावा है कि भागते समय मोटरसाइकिल तेज गति के कारण फिसल गई और दोनों युवक सड़क पर गिर पड़े। इसके बावजूद उन्होंने पुलिस पर गोली चलाना जारी रखा। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से एक आरोपी घायल हो गया, जबकि दूसरा अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकला।
अस्पताल में हुई मौत
घायल आरोपी को पुलिस ने तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने उसका इलाज शुरू किया, लेकिन उसकी हालत गंभीर बनी रही। कुछ समय बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस जांच में घायल आरोपी की पहचान असद के रूप में हुई। उसकी मौत की पुष्टि होने के बाद पुलिस अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी। नियमानुसार मामले की जांच और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं भी शुरू कर दी गई हैं।
एक पुलिसकर्मी भी हुआ घायल
इस मुठभेड़ में पुलिस टीम का हिस्सा रहे कांस्टेबल अनुराग रावत भी घायल हो गए। उन्हें भी उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घायल पुलिसकर्मी की स्थिति खतरे से बाहर है और उनका इलाज जारी है। पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन के दौरान टीम ने पूरी सतर्कता बरती और कानून के तहत कार्रवाई की गई।
फरार आरोपी की तलाश जारी
मुठभेड़ के दौरान असद का एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा। पुलिस अब उसकी पहचान और गिरफ्तारी के प्रयासों में जुटी हुई है। इसके लिए आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है तथा सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले में अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस ने इसे बड़ी सफलता बताया
गाजियाबाद के डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि असद सूर्य प्रताप चौहान हत्याकांड का मुख्य आरोपी था और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी और मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि असद के मारे जाने से सूर्य प्रताप हत्याकांड की जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। वहीं, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले से जुड़े अन्य पहलुओं का भी खुलासा होने की संभावना है। फिलहाल, पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है और पुलिस मामले से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाने का प्रयास कर रही है।

