जालौन : बाहर से गुलाब की खुशबू और भीतर नशीले पदार्थों का कथित कारोबार! उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के ऐरी रमपुरा गांव में सामने आए इस मामले ने जांच एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया है। यहां गुलाबजल बनाने के नाम पर टीनशेड के भीतर कथित तौर पर ड्रग्स तैयार की जा रही थी। कई महीनों से चल रही इस गतिविधि पर गुरुवार तड़के उस समय कार्रवाई हुई, जब डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) और यूपी एटीएस की संयुक्त टीम ने छापा मारकर भारी मात्रा में नशीले पदार्थ, केमिकल और उपकरण जब्त किए।
अधिकारियों के अनुसार, पूरी कार्रवाई में करीब 1102.88 किलोग्राम ड्रग्स, केमिकल और अन्य सामग्री बरामद हुई है। इसकी अनुमानित कीमत लगभग 300 करोड़ रुपये बताई जा रही है। हालांकि, बरामद सामग्री और कथित नेटवर्क को लेकर जांच अभी जारी है।
गुलाबजल के नाम पर चल रहा था कारोबार
मामला डकोर कोतवाली क्षेत्र के ऐरी रमपुरा गांव का है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यहां करीब पांच महीने पहले टीनशेड डालकर गुलाबजल बनाने का काम शुरू किया गया था। इसके लिए आसपास के गांवों से गुलाब के फूल खरीदे जाते थे और बाहर से केमिकल समेत अन्य सामान मंगाया जाता था।
स्थानीय लोगों को बताया गया था कि परिसर में गुलाबजल तैयार किया जाता है। इसी वजह से किसी को लंबे समय तक गतिविधियों पर संदेह नहीं हुआ। दूसरी ओर, जांच एजेंसियों को परिसर में संदिग्ध गतिविधियां होने की जानकारी मिली, जिसके बाद निगरानी शुरू की गई।
तीन दिन की निगरानी के बाद छापा
सूत्रों के मुताबिक, संयुक्त टीम ने कार्रवाई से पहले करीब तीन दिन तक फैक्ट्री पर नजर रखी। इसके बाद गुरुवार तड़के कई वाहनों से पहुंची टीम ने परिसर में तलाशी ली। अंदर नशीला पदार्थ तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और उपकरण मिले। वहां की व्यवस्था लैब जैसी बताई जा रही है।
तलाशी में करीब 184 किलोग्राम अधबना नशीला पदार्थ और 582.2 किलोग्राम केमिकल व उपकरण बरामद किए गए। इसके बाद टीम ने आरोपियों के घरों और अन्य परिसरों की भी जांच की।
घरों से भी मिला सामान
एक आरोपी के घर से 15.44 किलोग्राम तैयार मेफेड्रोन, 152.94 किलोग्राम केमिकल और ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीन मिली। वहीं, दूसरे आरोपी के परिसर से 168.3 किलोग्राम केमिकल बरामद किया गया। एजेंसियों के अनुसार, सभी स्थानों से जब्त सामग्री का कुल वजन करीब 1102.88 किलोग्राम है।
डीआरआई ने उरई निवासी 27 वर्षीय हेमेंद्र कुशवाह और महाराष्ट्र निवासी 37 वर्षीय संतोष को गिरफ्तार किया है। मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
अब नेटवर्क खंगाल रहीं एजेंसियां
मेफेड्रोन एक कृत्रिम नशीला पदार्थ है, जिसकी अवैध खरीद-बिक्री और तस्करी कानूनन अपराध है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित फैक्ट्री में तैयार नशीला पदार्थ कहां भेजा जाना था, केमिकल कहां से खरीदे जा रहे थे और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी ने बताया कि संयुक्त टीम ने एमडी ड्रग्स बरामद होने की जानकारी दी है। जब्त सामग्री को लखनऊ ले जाया जाएगा, जहां आगे की कार्रवाई होगी। अधिकारियों के मुताबिक, मामले में बड़े नेटवर्क की आशंका को देखते हुए जांच जारी है।
गांव में गुलाबजल बनाने के नाम पर कथित ड्रग्स फैक्ट्री चलने के खुलासे ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच के नतीजों से ही स्पष्ट होगा कि इस कारोबार का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसकी सप्लाई किन क्षेत्रों तक फैली हुई थी।

