किन कर्मचारियों को मिलेगा बोनस?
सरकार के आदेश के मुताबिक, यह लाभ सभी केंद्रीय कर्मचारियों के लिए नहीं है। इसके दायरे में केंद्र सरकार के ग्रुप-C कर्मचारी और ऐसे नॉन-गजेटेड ग्रुप-B अधिकारी आएंगे, जो किसी प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) योजना के तहत नहीं आते हैं।
इसके अलावा पात्र केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और सशस्त्र बलों के कर्मचारियों को भी बोनस दिया जाएगा। केंद्र शासित प्रदेशों के वे कर्मचारी भी इसके पात्र होंगे, जिनकी सेवा शर्तें और वेतन व्यवस्था केंद्र सरकार के अनुरूप हैं।
बोनस के लिए जरूरी शर्तें
बोनस प्राप्त करने के लिए कर्मचारी को वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कम से कम छह महीने की लगातार सेवा पूरी करनी होगी। इसके साथ ही कर्मचारी का 31 मार्च 2026 को सेवा में होना जरूरी है।
जिन कर्मचारियों ने छह महीने से अधिक, लेकिन पूरे 12 महीने से कम सेवा की है, उन्हें काम की अवधि के अनुपात में बोनस दिया जाएगा। इसकी गणना निर्धारित नियमों के अनुसार की जाएगी।
दैनिक मजदूरों को भी मिलेगा लाभ
सरकारी विभागों में काम करने वाले दैनिक वेतनभोगियों के लिए भी पात्रता की शर्तें तय की गई हैं। छह दिन काम वाले प्रतिष्ठानों में पिछले तीन वर्षों के दौरान प्रत्येक वर्ष कम से कम 240 दिन काम करना जरूरी है। वहीं, पांच दिन के कार्य सप्ताह वाले प्रतिष्ठानों में हर साल कम से कम 206 दिन काम करने की शर्त रखी गई है।
इन मानकों को पूरा करने वाले पात्र दैनिक मजदूरों को ₹1,184 का बोनस मिलेगा।
ऐसे तय हुई ₹6,908 की राशि
बोनस की गणना 30 दिनों के वेतन के आधार पर की गई है। इसके लिए अधिकतम मासिक वेतन सीमा ₹7,000 निर्धारित है। यानी किसी कर्मचारी का औसत मासिक वेतन इससे अधिक होने पर भी बोनस की गणना ₹7,000 के आधार पर होगी।
गणना के अनुसार, ₹7,000 को 30 दिनों से गुणा कर 30.4 से भाग देने पर ₹6,907.89 की राशि आती है। इसे राउंड ऑफ करके ₹6,908 किया गया है।
किन्हें नहीं मिलेगा बोनस?
राजपत्रित अधिकारी और वे कर्मचारी जो रेलवे, डाक विभाग या अन्य विभागों की प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस योजनाओं के अंतर्गत आते हैं, इस एड-हॉक बोनस के पात्र नहीं होंगे। पात्रता और भुगतान का अंतिम निर्धारण वित्त मंत्रालय के जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाएगा।

