सहारनपुर : पुलिस ने सहारनपुर से लखनऊ तक हड़कंप मचा देने वाली डायमंड शोरूम से हुई चोरी की घटना का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस की पांच टीमों ने तीन महिलाओं समेत पांच कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से लगभग 3 करोड़ रुपये की ज्वेलरी और 45,100 रुपये नगद बरामद किए हैं। करोड़ों की चोरी को अंजाम देने वाला मुख्य आरोपी इरशाद उर्फ काला उत्तराखंड के रुड़की का रहने वाला है। जिसके खिलाफ विभिन्न थानों में 27 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक़ वैसे तो इरशाद ने अकेले ही चोरी को बड़ी वारदात को अंजाम दिया था। लेकिन इसके लिए उसने अपने साथियों मदद ली थी। एसएसपी आशीष तिवारी का दावा है कि पुलिस ने इस मामले में चोरी हुई ज्वैलरी की 100% रिकवरी की है। ख़ास बात ये है की महिलाओं ने चोरी के पाल को घर में रखा हुआ था।

आपको बता दें कि राजेश गुप्ता का करंट लेन डायमंड शोरूम सदर बाजार इलाके में DIG के ऑफिस के पीछे है। सिविल लाइंस पुलिस चौकी से चंद क़दमों की दूरी पर डायमंड शोरूम में 23 जनवरी की रात में करोड़ों की चोरी हो गई थी। ख़ास बात ये है कि अधिकारियो के दफ्तरों के पास होने के चलते इस इलाके में पूरी रात पुलिस गश्त करती है। बावजूद इसके डायमंड शोरूम में चोरों ने न सिर्फ़ एक बड़ी चोरी करके पुलिस को खुली चुनौती दी, बल्कि पुलिस के “ऑपरेशन लंगड़ा” को भी ठेंगा दिखाया था। कुछ अज्ञात चोर छत के रास्ते शोरूम में घुसे और शोरूम के पास सीढ़ियों के पास की दीवार तोड़ी और चोरों ने शोरूम में रखी सारी ज्वेलरी चुरा ली और भाग गए। SSP आशीष तिवारी के निर्देश पर, घटना की जांच के लिए पांच टीमें बनाई गई थी। शोरूम मालिक ने आंकलन किया तो पता चला कि 3 करोड़ से ज्यादा के ज्वैलरी चोरी हुई थी। करोड़ों की चोरी की घटना से जहां व्यापारियों में दहशत का माहौल बना था वहीं सहारनपुर से लेकर लखनऊ तक हड़कंप मच गया था।
घटना को गंभीता से लेते हुए डीआईजी अभिषेक सिंह और एसएसपी आशीष तिवारी ने पांच टीमें गठित कर चोरों को पकड़ने के निर्देश दिए थे। लेकिन इरशाद इतना शातिर था कि आसपास लगे CCTV कैमरों से बच कर शोरूम की दीवार में सेंधमारी की थी। जिससे पुलिस को आरोपी तक पहुँचने के लिए कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। एसएसपी आशीष तिवारी ने घटना का अनावरण करते हुए बताया कि पुलिस ने दिल्ली रोड पर डायमंड शोरूम में हुई करोड़ों की ज्वैलरी चोरी का मामला सुलझा लिया है। यह सनसनीखेज वारदात को अंजाम एक अकेले चोर ने ही किया था। आरोपी इरशाद ने पहले शोरूम की रेकी की और ग्राइंडर से छत के ऊपर लगा सीढ़ियों का दरवाज़ा काटा इसके बाद दीवार तोड़कर करोड़ों रुपये के गहने चुराकर भाग गया। लेकिन पुलिस ने इस मामले में तीन महिलाओं समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
SSP आशीष तिवारी ने बताया कि चोरी तो एक ही व्यक्ति ने की थी लेकिन गिरफ्तार किए गए दूसरे लोग चोरी का माल ठिकाने लगाने, बेचने और छिपाने में शामिल रहे। इसलिए उन्हें भी गिरफ्तार किया गया। मुख्य आरोपी इरशाद उर्फ़ काला पुत्र अनीश उर्फ़ पीरू निवासी सहारनपुर का रहने वाला है। फिलहाल वह रुड़की में रह रहा है। जबकि दूसरा आरोपी इरशाद का सगा भाई दिलशाद है सहारनपुर में रहता है। वहीं चोरी के मामले में पकड़ी गई एक महिला सलमा पत्नी अरशद जो सहारनपुर की रहने वाली है। चौथी आरोपी इरशाद की मां काली हैं जो अपने पीटीआई अनीश के साथ सहारनपुर में ही रहती हैं। इनके अलावा पांचवीं आरोपी का नाम सीमा है, जो इरशाद के भाई दिलशाद की पत्नी है। पुलिस के अनुसार इरशाद ने डायमंड शोरूम से ज्वैलरी चोरी कर इनको दी थी। ताकि ये ज्वैलरी को ठिकाने लगा सके।
SSP आशीष तिवारी ने बताया कि मुख्य आरोपी इरशाद ने पूछताछ में बताया कि वह मूल रूप से अम्बेहटा पीर का रहने वाला है। वह छोटी-मोटी चोरियां करता था। जब पुलिस ने उसके घर पर नज़र रखना शुरू किया, तो उसने घर बेच दिया और सहारनपुर में किराए के मकान में रहने लगा। वहां भी पुलिस ने उसके खिलाफ हिस्ट्री शीट खोल दी, इसलिए हाल ही में जेल से छूटने के बाद वह रुड़की में शैतान चौक के पास रहने चला गया। उसने वहीं से चोरी की योजना बनाई। उसने मज़दूर के तौर पर काम करने के बहाने करीब एक महीने तक रेकी की, और फिर, घटना से एक रात पहले, वह जाकर बिल्डिंग की छत पर लेट गया। उसने नशा किया और सो गया। जब वह देर रात उठा, तो मौसम बहुत खराब था। खराब मौसम का फायदा उठाकर उसने छत पर लगी केबल काट दी, कटर से तारों को जोड़ा, और फिर दरवाज़ा काटकर अंदर से दीवार में छेद कर दिया।
गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि उसे पता था कि अंदर CCTV कैमरे लगे हैं। इसलिए, उसने मास्क पहना और दुकान के अंदर चोरी करते समय लंगड़ाने का नाटक किया ताकि पुलिस को लगे कि चोर लंगड़ा है। चोरी करने के बाद वह बाहर गया और कपड़े बदले। उसके बाद वह रुड़की चला गया। गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि वह चोरियां करता है और दिलशाद, सलमा, काली और सीमा चोरी का सामान बेचने में उसकी मदद करते हैं। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि उन सभी को रेलवे ट्रैक के पास से गिरफ्तार किया गया। वे सभी चोरी का सामान पड़ोसी राज्य में बेचने जा रहे थे। इसी दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया।