सहारनपुर : छुटमलपुर नगर पंचायत में कथित धोखाधड़ी के मामले में एडीएम वित्त एवं राजस्व ने दोनों पक्षों को नोटिस जारी किए हैं। दोनों पक्षों को शुक्रवार को दस्तावेजों के साथ कार्यालय में तलब किया गया है। एडीएम सलिल पटेल ने बताया कि नगर पंचायत के संबंध में पूर्व में भी शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इसलिए, पूर्व में हुए विकास कार्यों के टेंडरों से संबंधित दस्तावेजों को भी जाँच के दायरे में शामिल किया जाएगा। जाँच जल्द से जल्द पूरी कर उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
कुछ दिन पहले छुटमलपुर नगर पंचायत के संबंध में एक शिकायत मंडलायुक्त को प्राप्त हुई थी। शिकायतकर्ताओं: पार्षद रजत राणा, ममता शर्मा, सुमित काम्बोज, विकास, रमेश डाबर, नवाब अली, किरणपाल सिंह, आदिल अल्वी और पार्षद के पति कारी नौशाद ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत में फर्जी बिल बनाकर बड़े पैमाने पर गबन किया जा रहा है।
कस्बे में चौराहे पर लगे बड़े झंडे का बिल 22 लाख 57 हजार 600 रुपये का बना। इसी तरह, एक जेसीबी और दो ट्रैक्टरों की सर्विसिंग पर एक लाख रुपये से ज़्यादा की लागत दिखाई गई, जो संदिग्ध है। मंडलायुक्त ने एडीएम वित्त एवं राजस्व को मामले की जाँच के आदेश दिए हैं। अमर उजाला ने 16 सितंबर के अंक में इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर 19 सितंबर को कार्यालय में तलब किया गया है।
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