बहराइच : जिले में एक अवैध मदरसे का निरीक्षण करने पहुंचे एसडीएम और उनकी टीम उस दृश्य को देखकर दंग रह गए। उन्हें मदरसे की छत पर बने शौचालय में 40 नाबालिग लड़कियां कैद मिलीं। प्रशासनिक टीम ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। महिला पुलिस टीम की मदद से सभी लड़कियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। जिला प्रशासन इस मामले में सख्त कार्रवाई का वादा कर रहा है। छापा मारने वाले पयागपुर के एसडीएम अश्विनी पांडे ने बताया कि सरकार जिले में संचालित सभी मदरसों का निरीक्षण कर रही है। जिला प्रशासन मदरसों के पंजीकरण और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रहा है। इसी सिलसिले में पयागपुर थाना क्षेत्र के पहलवारा गाँव में एक मदरसे का निरीक्षण करने स्थानीय लेखपाल पहुँचे।

प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि जब लेखपाल पहुँचे तो मदरसा संचालक ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। लेखपाल को शक था कि कुछ गड़बड़ है, इसलिए उन्हें रोका जा रहा है। उन्होंने एसडीएम पयागपुर अश्विनी पांडे को सूचना दी। इसके बाद, एसडीएम, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी और नायब तहसीलदार मदरसे की जाँच करने पहुँचे। मदरसा संचालक खलील अहमद ने इन अधिकारियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी अंदर घुस गए। जब वे जाँच करने छत पर गए, तो उन्हें शौचालय का दरवाज़ा बंद मिला। अधिकारियों ने उसे खोलने की कोशिश की, लेकिन वह अंदर से बंद था। महिला कांस्टेबलों को तुरंत मौके पर बुलाया गया।
एसडीएम अश्विनी पांडे ने बताया कि जब महिला कांस्टेबलों ने दरवाज़ा खोला, तो सभी अधिकारी दंग रह गए। वे एक-दूसरे को देखते रह गए, क्योंकि शौचालय के अंदर एक-दो नहीं, बल्कि 40 नाबालिग लड़कियाँ फँसी हुई थीं। सभी लड़कियों को अधिकारियों ने बचा लिया। इसकी सूचना जिले के उच्च अधिकारियों को भी दे दी गई है। बहराइच के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मोहम्मद खालिद ने बताया कि मदरसे के संचालन, पंजीकरण और वहाँ मिली लड़कियों की गहन जाँच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले की जानकारी अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को भी भेज दी गई है।
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