अलीगढ़ : दो गाँवों के चार मंदिरों की दीवारों पर ‘आई लव मोहम्मद’ लिखे होने के बाद हंगामा मच गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। तनाव बढ़ने पर पुलिस ने नारे हटवा दिए। ग्रामीणों ने पुलिस पर करणी सेना के एक कार्यकर्ता की पिटाई और उसे हिरासत में लेने का आरोप लगाया। कार्यकर्ता को रिहा किए जाने के बाद वे शांत हुए। एसएसपी मौके पर पहुँचे और घटना की जानकारी ली।
क्षेत्राधिकारी गभाना संजीव तोमर ने बताया कि लोधा क्षेत्र के बुलाकगढ़ी और भगवानपुर गाँवों में एक किलोमीटर की दूरी पर चार छोटे-बड़े मंदिर स्थित हैं। इन मंदिरों में विभिन्न देवी-देवताओं की मूर्तियाँ स्थापित हैं। शनिवार सुबह इन मंदिरों की दीवारों पर ‘आई लव मोहम्मद’ लिखा हुआ मिला, जिससे ग्रामीणों की भीड़ भड़क गई। वे एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि घटना की सूचना मिलते ही लोधा थाना पुलिस, स्वाट और निगरानी दल मौके पर पहुँच गए। पुलिस ने दीवारों पर लिखे नारे मिटाने शुरू कर दिए। इसी बीच, गाँव के करणी सेना कार्यकर्ता सचिन ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की माँग की। पुलिस अधिकारियों ने सचिन के साथ मारपीट की और उसे थाने में बंद कर दिया। इस सूचना के बाद, कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी इकट्ठा हो गए। करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ठाकुर ज्ञानेंद्र सिंह भी पहुँचे और पुलिस अधिकारियों से बातचीत की। पुलिस ने कुछ ही देर बाद सचिन को थाने से रिहा कर दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए। शांति बनाए रखने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
सीओ गभाना संजीव तोमर ने बताया कि मंदिरों की दीवारों पर “आई लव मोहम्मद” के नारे लिखे थे। उन्हें मिटा दिया गया है। लोधा थाने में संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया जा रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें बनाई गई हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जाँच कर रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लेगी। घटना के बाद, एसएसपी नीरज जादौन ने बल्कगढ़ी और भगवानपुर गाँव के सभी धार्मिक स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों से बात की गई है और सभी पहलुओं पर जाँच की जा रही है। गाँव में चल रहे विवाद की भी जानकारी मिली है। इस मामले में मामला दर्ज किया जा रहा है। घटना में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि पिछले महीने 6 सितंबर को पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिन के उपलक्ष्य में कानपुर में ‘जुलूस-ए-मोहम्मदी’ निकाला गया था। इस जुलूस में बड़ी संख्या में लोग “आई लव मोहम्मद” लिखे पोस्टर लेकर शामिल हुए थे। इसके अलावा, कई लोगों ने अपने घरों के बाहर “आई लव मोहम्मद” भी लिखा हुआ था। इसके बाद, कानपुर पुलिस ने लगभग 22 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। यहीं से मामला बढ़ गया और धीरे-धीरे पूरे राज्य और देश भर में चर्चाएँ तेज हो गईं। इसके बाद, बरेली में पुलिस ने लाठीचार्ज किया। मौलाना तौकीर रज़ा को कई अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। जुमे की नमाज के बाद, मौलाना तौकीर राजा के नेतृत्व में बरेली में एक विरोध प्रदर्शन किया गया। उनके बयान के बाद बड़ी संख्या में युवा सड़कों पर उतर आए। मामला बढ़ता देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।

