चंडीगढ़ : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए सूरजमुखी उत्पादकों के लिए महत्वपूर्ण घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सूरजमुखी की फसल के पंजीकरण के लिए पोर्टल को 60 दिनों के लिए दोबारा खोला जाएगा, जिससे ऐसे किसान भी अपनी फसल का पंजीकरण करा सकेंगे जो किसी कारणवश पहले पंजीकरण नहीं कर पाए थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उन्हें उनकी उपज का उचित लाभ दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने किसानों से निर्धारित अवधि के भीतर अपनी फसल का पंजीकरण कराने की अपील भी की। पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने बताया कि वन विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में डेढ़ करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही राज्य में पक्षी संरक्षण और पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए ‘बर्ड वॉचिंग टूरिज्म सर्किट’ विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के लिए भी बड़े निवेश की घोषणा की। इसके तहत पिपली चिड़ियाघर के नवीनीकरण पर 70 करोड़ रुपये और भिवानी चिड़ियाघर के उन्नयन पर 25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त सरस्वती संरक्षण वन क्षेत्र में 55 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक पक्षी विहार का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का पौधागिरी अभियान भी इस वर्ष बड़े स्तर पर चलाया जाएगा।
अभियान के तहत प्रदेश के स्कूली बच्चों को 20 लाख पौधे वितरित किए जाएंगे, जिससे बच्चों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और हरियाणा को अधिक हरित बनाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण उपलब्ध कराया जा सके।
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