
बैठक में आउटसोर्सिंग, कैशलेस इलाज, पुरानी पेंशन प्रणाली पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों के लिए 10 प्रतिशत अंशदान को बढ़ाकर 14 प्रतिशत कर दिया है तथा पिछली सरकार द्वारा अन्य मदों में निवेश किए गए साढ़े दस हजार करोड़ रुपये को कर्मचारियों के खातों में जमा न कराकर उन्हें वापस कर दिया है। पेंशन में सरकार की हिस्सेदारी 10% से बढ़ाकर 14% करने में भी उनकी प्रमुख भूमिका रही है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश में आठवें वेतन को तत्काल लागू करने की भी अनुमति दी। इस दौरान श्री तिवारी ने यह भी कहा कि अब पेंशन और उस पर महंगाई भत्ते में अंतिम सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री के साथ बैठक में निर्णय लिया गया, लेकिन अभी भी कुछ कमियां हैं। उन्हें ठीक करने का अनुरोध किया जा रहा है। परिषद पदाधिकारियों की बात सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने समस्याओं और जरूरतों का समाधान निकालने का आश्वासन दिया।
इस बैठक पर खुशी जताते हुए सहारनपुर मंडल अध्यक्ष सुधीर ठाकुर, मंडल मंत्री मिनाक्ष श्रीवास्तव, जनपद मंत्री सरदार सिंह, डिप्लोमा इंजीनियर संघ के क्षेत्रीय अध्यक्ष संदीप कुमार, जिलाध्यक्ष संदीप गौर, उत्तर प्रदेश डिप्लोमा महासंघ के जिला अध्यक्ष सचिन पंवार, शामली जिलासचिव दिप्तेश, मुज़फ्फरनगर जिलाध्यक्ष विकास पंवार, ऋतुराज सिंह, अमित कुमार, गंभीर कुमार, गौरव त्यागी, अजय कुमार, राजबीर सिंह, संजय चपराना ने मुख्यमंत्री के आश्वासन पर आभार व्यक्त किया। मंडल अध्यक्ष मिनाक्ष श्रीवास्तव ने कहा कि वार्ता काफी सकारात्मक रही। उम्मीद है कि जल्द ही मुख्यमंत्री की ओर से कुछ अच्छे दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

