लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र-2026 से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का ऐसा महत्वपूर्ण मंच है, जहां प्रदेश की जनता से जुड़े मुद्दों को उठाया जा सकता है और उनके समाधान का रास्ता निकाला जा सकता है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से सदन की कार्यवाही का बेहतर उपयोग करने की अपील की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मानसून सत्र बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विधायिका आम जनता की आवाज को शासन और प्रशासन तक पहुंचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। गरीब, किसान, युवा और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा और समीक्षा के साथ उन्हें परिणाम तक पहुंचाने के लिए संसदीय प्रणाली में विधानसभा महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
राम मंदिर को लेकर विपक्ष पर निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर के मुद्दे पर विपक्ष को घेरते हुए कहा कि आज कुछ लोग राम मंदिर पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि अतीत में उन्होंने राम भक्तों पर गोली चलवाई थी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को कभी राम के नाम से परहेज था, वे आज राम मंदिर की बात कर रहे हैं। सीएम योगी ने राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मुद्दे पर भी विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण में एक पैसा भी योगदान नहीं देने वाले लोगों को राम मंदिर के विषय पर बोलने से बचना चाहिए। मुख्यमंत्री के इस बयान को आगामी राजनीतिक बहस के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विधानसभा में जनता की आवाज उठाने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जनप्रतिनिधि को अपने क्षेत्र की समस्याओं को सदन में रखने का अधिकार है। विधानसभा ऐसा मंच है जहां जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र की समस्याओं को सरकार के सामने रख सकते हैं और उनके समाधान का रास्ता निकाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि सदन के समय का बेहतर उपयोग होना चाहिए और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से जुड़ी आवाज को सदन के पटल पर रखने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की प्राथमिकता हमेशा से संसदीय व्यवस्था का बेहतर उपयोग करना रही है और डबल इंजन की सरकार इस दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
किसान, युवा और कांवड़ यात्रियों का किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मानसून सत्र के दौरान प्रदेश के किसानों, छात्रों, युवाओं और कांवड़ यात्रियों से जुड़े विषयों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सावन का महीना खेती-किसानी, छात्रों के प्रवेश और शिवभक्त कांवड़ यात्रियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने नए शैक्षणिक सत्र में प्रवेश लेने वाले छात्रों और रोजगार की दिशा में आगे बढ़ रहे युवाओं को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवा ऊर्जा और प्रतिभा के प्रतीक हैं और सरकार उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए लगातार काम कर रही है। किसानों का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश का अन्नदाता बेहद मेहनती है। किसान दिन-रात मेहनत करता है और अपनी मेहनत से प्रदेश की धरती को समृद्ध बनाता है। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है।
चीनी मिलों को लेकर सपा-बसपा पर हमला
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2007 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश में कई चीनी मिलें बंद कर दी गईं और कई मिलों को बेच दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उस दौरान किसानों के बकाये का समय पर भुगतान नहीं हुआ। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने के बाद कई बंद चीनी मिलों को दोबारा शुरू किया गया और किसानों के बकाये का भुगतान किया गया। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने किसानों की फसलों के समर्थन मूल्य में भी बढ़ोतरी की है।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद मानसून सत्र से पहले उत्तर प्रदेश की सियासत गरमाने के संकेत मिल रहे हैं। एक ओर सरकार सदन में विकास, किसान, युवा और जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री के तीखे राजनीतिक हमलों से साफ है कि मानसून सत्र के दौरान राम मंदिर, किसानों और पिछली सरकारों के कार्यकाल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार राजनीतिक बहस देखने को मिल सकती है।

