हरियाणवी कृति “सकुंतला” का लोकार्पण, साहित्य और संस्कृति को मिलेगा नया आयाम

Launch of Haryanvi work “Sakuntala”, Literature and culture will get a new dimension
हरियाणा : हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी की ओर से संस्कृत, हिंदी एवं हरियाणवी के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. जय भगवान शर्मा की हरियाणवी कृति “सकुंतला” का लोकार्पण पंचकूला स्थित हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी भवन में आयोजित एक गरिमामयी समारोह के दौरान किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, भाषा और संस्कृति जगत से जुड़े अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
इस अवसर पर अकादमी के कार्यकारी उपाध्यक्ष प्रोफेसर कुलदीप चंद अग्निहोत्री मुख्य रूप से उपस्थित रहे। वहीं सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के संयुक्त निदेशक नीरज कुमार तथा अकादमी के सदस्य सचिव मनजीत सिंह ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि हरियाणवी भाषा और साहित्य की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने में ऐसी कृतियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। “सकुंतला” जैसी रचनाएं न केवल क्षेत्रीय भाषा को सशक्त बनाती हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का कार्य भी करती हैं।
वक्ताओं ने डॉ. जय भगवान शर्मा के साहित्यिक योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने हरियाणवी भाषा को साहित्यिक पहचान दिलाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनकी रचनाओं में लोक संस्कृति, सामाजिक मूल्यों और ग्रामीण जीवन की झलक देखने को मिलती है।
कार्यक्रम के अंत में अकादमी की ओर से सभी अतिथियों और साहित्य प्रेमियों का आभार व्यक्त किया गया। समारोह में उपस्थित साहित्यकारों और विद्यार्थियों ने भी पुस्तक के लोकार्पण पर खुशी जताई और इसे हरियाणवी साहित्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
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