यमुनानगर: यमुनानगर के जठलाना कस्बे में बिजली बोर्ड के रिटायर्ड सुपरिटेंडिंग इंजीनियर जगदीश बंसल की घर में घुसकर धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। हालांकि शुरू में यह लूट का मामला लग रहा था, लेकिन घटनास्थल के हालात ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
घटना का पता शुक्रवार सुबह चला जब घर में खाना बनाने वाली महिला नसरीन हमेशा की तरह वहां पहुंची। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने और फोन करने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पड़ोसियों की मदद से दरवाजा खोला गया। अंदर सामान बिखरा हुआ मिला और फ्रिज का दरवाजा खुला था। हालात को संदिग्ध मानते हुए तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
जब पुलिस मौके पर पहुंची तो उन्हें घर के अंदर जगदीश बंसल का खून से लथपथ शव मिला। शुरुआती जांच से पता चला कि उनकी हत्या धारदार हथियार से की गई थी। कमरे की दीवारों पर खून के छींटे मिले, जिससे हमले की बर्बरता का पता चलता है। पुलिस ने घर को सील कर दिया और फॉरेंसिक जांच शुरू की।
घटनास्थल पर घर का ज्यादातर सामान बिखरा हुआ मिला, जिससे पहली नज़र में यह लूट का मामला लगा। हालांकि, जांच में पता चला कि घर से कोई बड़ी कीमती चीज़ गायब नहीं थी; पुलिस को पता चला कि सिर्फ़ एक गैस सिलेंडर गायब था। इससे यह सवाल उठता है कि क्या हमलावरों का मकसद लूटपाट करना था, या फिर हत्या को लूट का रूप देने की कोशिश की गई थी।
पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में दो संदिग्ध दीवार फांदकर घर में घुसते हुए दिखे। मौके पर एक सीढ़ी भी मिली, जिससे शक हुआ कि कुछ लोग छत के रास्ते भी अंदर आए होंगे। ऐसे में पुलिस को शक है कि इस वारदात को अंजाम देने में एक से ज़्यादा लोग शामिल थे।
डॉग स्क्वाड और फॉरेंसिक टीम ने सबूत जुटाए: घटना की गंभीरता को देखते हुए जठलाना पुलिस ने मौके पर क्राइम सीन टीम, फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स और डॉग स्क्वाड को बुलाया। डॉग स्क्वाड ने इलाके में तलाशी के दौरान एक गंध का पीछा किया और पास के बाज़ार तक जाकर रुक गया। इससे यह संभावना बनती है कि आरोपी किसी गाड़ी से आए थे और वारदात को अंजाम देने के बाद उसी गाड़ी से भाग गए।
पुलिस के अनुसार, जगदीश बंसल बिजली बोर्ड से रिटायर्ड सुपरिटेंडिंग इंजीनियर थे। उनकी पत्नी का निधन करीब चार साल पहले हो गया था, जिसके बाद वे जठलाना स्थित अपने घर में अकेले रहते थे। उनके बच्चे मोहाली में रहते हैं और वे कभी-कभी उनसे मिलने जाते थे। इलाके में वे काफी जाने-माने व्यक्ति थे और लोगों के साथ उनके अच्छे संबंध थे। घटना के बारे में घर में काम करने वाली नज़रीन ने बताया, “मैं रोज़ की तरह खाना बनाने आई थी। मैंने दरवाज़ा खटखटाया और काफी देर तक उन्हें आवाज़ दी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। पड़ोसियों की मदद से हमने अंदर देखा तो पाया कि घर का सामान बिखरा पड़ा था। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।”
पुलिस अभी हत्या के पीछे के संभावित कारणों की जांच कर रही है, जिसमें लूटपाट, पुरानी रंजिश और अन्य संभावनाएं शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि हत्या का स्पष्ट कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। फोरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिशें जारी हैं। स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) अमित त्यागी ने कहा, “पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। घटनास्थल से सबूत इकट्ठा किए गए हैं। सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी जानकारियों का इस्तेमाल करके आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। मामला जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।”

