सहारनपुर : पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के दूसरे चरण के दौरान शुक्रवार की नमाज और कांवड़ियों की आवाजाही एक साथ होने को लेकर फतवों की नगरी दारूल उलूम देवबंद और इस्लामिक संगठन जमीयत-उलेमा-ए-हिन्द ने अमन और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। जमीयत उलमा-ए-हिंद और देवबं दी उलेमाओं ने मुसलामानों से अपील की है कि वे इस सप्ताह जुमे की नमाज के लिए अपने मोहल्ले की मस्जिदों में ही नमाज अदा करें और जहां तक संभव हो, पैदल ही मस्जिद जाएं। जुमे के दिन दोपहर एक बजे से तीन बजे के बीच बड़ी संख्या में नमाजी मस्जिदों में पहुंचते हैं। ऐसे में कांवड़ यात्रा के चलते शहर के कई प्रमुख मार्गों पर भारी भीड़ और यातायात व्यवस्था को देखते हुए लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
जमीयत-उलेमा-ए-हिन्द ने नोटिस जारी करते हुए कहा कि कावड़ मार्गों पर जाने वाले नमाजी यदि स्कूटर या अन्य वाहनों के बजाय पैदल अपने नजदीकी मस्जिद में नमाज अदा करें तो इससे यातायात व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी और किसी तरह की असुविधा से भी बचें रहेगें। यह अपील केवल एक जुमे के लिए है और इसका उद्देश्य शहर में अमन, भाईचारा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना है। देवबंदी उलेमा मुफ्ती असद कासमी ने कहा कि मुस्लिम समाज हमेशा शांति पसंद रहा है और किसी भी व्यक्ति या समुदाय को असुविधा नहीं पहुंचाना चाहता।
उधर, देवबंद स्थित दारुल उलूम देवबंद ने भी कांवड़ यात्रा को लेकर अपने यहां अध्ययनरत छात्रों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। संस्थान ने छात्रों से कहा है कि वे यात्रा के दौरान हाईवे और बाजारों में अनावश्यक रूप से आने-जाने से बचें तथा केवल आवश्यक कार्य होने पर ही बाहर निकलें। इस संबंध में जमीयत दावतुल मुस्लिमीन देवबंद के संरक्षक कारी इसहाक गोरा ने कहा कि दारुल उलूम प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह अपने छात्रों को समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश देता रहे। उनका कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में सतर्कता और अनुशासन बनाए रखना सभी के हित में है।

