सहारनपुर : कांवड़ यात्रा के दौरान सहारनपुर की सड़कों पर इन दिनों शिव भक्ति के साथ देशभक्ति का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे शिवभक्तों के बीच 121 फीट लंबी ‘तिरंगा कांवड़’ लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। तिरंगे के रंगों में सजी यह विशाल कांवड़ जहां लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है, वहीं इसके जरिए युवाओं को नशे से दूर रहने और देश के लिए कुछ कर गुजरने का संदेश भी दिया जा रहा है। इस अनोखी कांवड़ को शहीद जवानों को समर्पित किया गया है। कांवड़ लेकर चल रहे शिवभक्तों का कहना है कि देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों की शहादत को नमन करने के साथ-साथ आज की युवा पीढ़ी को राष्ट्रप्रेम से जोड़ना भी इस कांवड़ का उद्देश्य है।

आपको बता दें कि सहारनपुर के गांव हंगावली के युवाओं की टोली दो साल से विशाल तिरंगा कांवड़ लेकर आ रहे हैं। इस बार उनकी यह दूसरी तिरंगा कांवड़ है। शिवभक्तों के मुताबिक, यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की तिरंगा कांवड़ निकाली जा रही है। पिछले वर्ष इस कांवड़ की लंबाई 101 फीट रखी गई थी। जिसका खर्च 1 लाख रुपये से ज्यादा हुए थे। इस वर्ष इसे बढ़ाकर 121 फीट कर दिया गया है। खास बात यह कि तिरंगा कांवड़ की लम्बाई बढ़ने के बावजूद खर्च 90 हजार रुपये हुए हैं।वहीं अगले वर्ष इसे और भव्य रूप देते हुए 151 फीट लंबा करने की तैयारी है।
121 फीट लंबी होने के कारण यह कांवड़ सड़क पर दूर से ही लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। कांवड़ के साथ चल रहे शिवभक्तों और आसपास मौजूद लोगों में इसे लेकर खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। कांवड़ लेकर चल रहे शिवभक्त अनुज कुमार ने बताया कि वे ‘सांब सदा शिव ग्रुप’ से जुड़े हैं और सहारनपुर के गांव हंगावली के रहने वाले हैं। उनका समूह इस 121 फीट लंबी तिरंगा कांवड़ को हरिद्वार से लेकर आया है।
अनुज कुमार के मुताबिक इस कांवड़ को निकालने के पीछे सबसे बड़ा उद्देश्य युवाओं को जागरूक करना है। उनका कहना है कि आज की युवा पीढ़ी का एक वर्ग लगातार नशे की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में युवाओं को नशे से दूर रहने और अपनी ऊर्जा देश और समाज के लिए लगाने का संदेश देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देशभक्ति की भावना को मजबूत करने और युवाओं को राष्ट्रप्रेम से जोड़ने के उद्देश्य से तिरंगा कांवड़ तैयार की गई है। इसके साथ ही देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए जवानों को भी यह कांवड़ समर्पित की गई है।
अनुज कुमार का कहना है कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि इसके जरिए समाज को सकारात्मक संदेश भी दिया जा सकता है। इसी सोच के साथ इस बार तिरंगा कांवड़ के माध्यम से शहीदों को श्रद्धांजलि, युवाओं में देशभक्ति और नशामुक्त समाज का संदेश देने की कोशिश की जा रही है।
सहारनपुर की सड़कों से जब यह विशाल कांवड़ गुजरती है तो लोग इसे देखने के लिए रुक जाते हैं। तिरंगे के रंगों में सजी 121 फीट लंबी कांवड़ और इसके साथ चलते शिवभक्त लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। शिवभक्तों का कहना है कि आने वाले वर्ष में इसे 151 फीट लंबा किया जाएगा, ताकि इसका संदेश और व्यापक स्तर तक पहुंच सके। इस तरह कांवड़ यात्रा में आस्था के साथ राष्ट्रप्रेम और सामाजिक जागरूकता का यह अनोखा संदेश लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।

