उत्तर प्रदेश आज भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनने की ओर अग्रसर है – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

CM Yogi Adityanath

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नए भारत के नए उत्तर प्रदेश में रोजगार आर्थिक विकास , सृजन, और छवि निर्माण हेतु नियोजन विभाग के अंतर्गत नवगठित आर्थिक सलाहकार समूह से मुलाकात की। इस समूह में एमएसएमई,कृषि, शिक्षा, सेमीकंडक्टर, स्टार्टअप जैसे अन्य क्षेत्रों में कार्यरत देश के विषय विशेषज्ञ शामिल हैं। इस दौरान समूह ने मुख्यमंत्री योगी को अपने कुछ सुझाव दिए। समूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि समूह से प्राप्त सुझावों का स्वागत है।

CM Yogi Adityanath

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनने की ओर अग्रसर है। इसके लिए राज्य के सभी विभाग मिलकर तीव्र गति से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक सलाहकार समूह से प्राप्त सुझावों पर समय पर अमल करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन का गठन किया है, जो शीघ्र ही कार्य करना शुरू कर देगा। इस मिशन के तहत विभिन्न विभागों के सहयोग से जॉब मैपिंग की जाएगी और राज्य के युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कौशल विकास, भाषा प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों के माध्यम से राज्य में स्वच्छ, टिकाऊ और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया जा रहा है। निकट भविष्य में उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण का केंद्र बनेगा। बहुत जल्द, उत्तर प्रदेश में स्थापित हिंदुजा समूह की इकाई इलेक्ट्रिक वाहनों का उत्पादन शुरू करेगी। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि देश में जहां किसानों को 8-10 घंटे बिजली मिल रही है, वहीं उत्तर प्रदेश में आज किसानों को 15-16 घंटे बिजली मिल रही है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश का प्रदर्शन अच्छा है। पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कानपुर से 8 हज़ार मेगावाट क्षमता के पावर प्लांट का उद्घाटन किया था। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने अक्षय ऊर्जा की दिशा में भी सभी प्रक्रियाएँ पूरी कर ली हैं। इसके जरिए उत्तर प्रदेश वर्ष 2027 तक 22 हज़ार मेगावाट बिजली का उत्पादन करने लगेगा। उन्होंने कहा कि अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश देश का रोल मॉडल बनेगा और सरकार की नीतियाँ राज्य को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएँगी।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में प्रदेश के किसानों के हित में काफ़ी काम हुआ है। प्रदेश की 1 दर्जन सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करके नहरों के माध्यम से 23 लाख हेक्टेयर भूमि को अतिरिक्त सिंचाई सुविधा प्रदान की गई है। शारदा नहर का पानी पहली बार वाराणसी पहुँचा है। आज बुंदेलखंड और पूर्वांचल के किसान साल में तीन फसलें पैदा कर रहे हैं। प्रदेश में मूंग दाल, मूंगफली और मक्का की खरीद के लिए क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में गन्ना किसानों को 1996 से 2017 तक के भुगतान की तुलना में 70 हज़ार करोड़ रुपये अधिक यानी 2 लाख 85 हज़ार करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

 

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पहले प्रदेश में हर साल केवल 500 कारखानों का पंजीकरण होता था। उत्तर प्रदेश सरकार ने इसके लिए अभियान चलाया, जिसके सकारात्मक परिणाम सबके सामने हैं। अब लगभग 4 हज़ार कारखानों का पंजीकरण हर साल हो रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने गौ-संरक्षण में काफी प्रगति की है। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में गौ-आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिसका लाभ राज्य के पशुपालकों को मिल रहा है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि चारों ओर से भूमि से घिरा राज्य होने के बावजूद, उत्तर प्रदेश मछली उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण बना है और उत्तर प्रदेश देश में सबसे तेज़ी से बढ़ता निवेश केंद्र बन रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य आम आदमी की आय बढ़ाना, रोजगार के अवसर पैदा करना और राज्य के हर वर्ग को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। बैठक के दौरान, नवगठित आर्थिक सलाहकार समूह ने पिछले आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश द्वारा की गई प्रगति की सराहना की।

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