जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

नई दिल्ली : व्यंग्यात्मक डिजिटल समूह ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) ने शनिवार को राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट-2026 पेपर लीक और सीबीएसई के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके ने हिस्सा लिया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।

प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दिपके ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि परीक्षा व्यवस्था में सामने आ रही कथित खामियों पर कार्रवाई करने के बजाय सरकार संगठन की सोशल मीडिया गतिविधियों पर अधिक ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए और सरकार को छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेना चाहिए।

अभिजीत दिपके शनिवार सुबह अमेरिका से दिल्ली पहुंचे थे। उन्होंने इससे पहले सोशल मीडिया के माध्यम से छात्रों और समर्थकों से 6 जून को जंतर-मंतर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी। उनकी प्रमुख मांगों में नीट-2026 पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शामिल है।

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और कथित अनियमितताओं की जवाबदेही तय करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि परीक्षा प्रक्रिया पर छात्रों का विश्वास कमजोर होता है तो इसका सीधा असर देश की शिक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा।

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की शुरुआत हाल ही में एक व्यंग्यात्मक डिजिटल अभियान के रूप में हुई थी। यह अभियान उस समय चर्चा में आया जब भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की एक अदालत में की गई टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर बहस शुरू हुई। उसी संदर्भ में कुछ लोगों ने व्यंग्यात्मक अंदाज में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम से एक ऑनलाइन अभियान शुरू किया, जो बाद में एक संगठित डिजिटल समूह के रूप में सामने आया।

बीते कुछ सप्ताहों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सीजेपी की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है और इसके हजारों समर्थक विभिन्न ऑनलाइन अभियानों से जुड़े हैं। संगठन लगातार शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रखता रहा है।

हालांकि सरकार या शिक्षा मंत्रालय की ओर से प्रदर्शन और लगाए गए आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और पुलिस प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी। अब देखने वाली बात होगी कि परीक्षा से जुड़ी कथित गड़बड़ियों और प्रदर्शनकारियों की मांगों पर सरकार आगे क्या रुख अपनाती है।

 

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया NPR BHARAT NEWS के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...

Related posts