बद्रीनाथ प्रसाद चोरी केस: SIT ने खंगाले 3 साल के रिकॉर्ड, बैंक अकाउंट और CCTV की होगी गहन जांच

Badrinath Offering Theft Case in Uttrakhand

उत्तराखंड : उत्तराखंड के चर्चित बद्रीनाथ प्रसाद चोरी केस में जांच अब निर्णायक चरण की ओर बढ़ रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने जांच का दायरा काफी व्यापक कर दिया है। टीम अब केवल चोरी की घटना ही नहीं, बल्कि पिछले तीन वर्षों में मंदिर में आए दान और चढ़ावे की पूरी व्यवस्था की भी जांच कर रही है।

चमोली पुलिस ने इस मामले की जांच की जिम्मेदारी डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस मदन सिंह बिष्ट को सौंपी है। जबकि बद्रीनाथ थाना प्रभारी महादेव उनियाल को जांच अधिकारी बनाया गया है। SIT में पुलिस और SOG के अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। SIT ने बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) से पिछले तीन वर्षों का विस्तृत रिकॉर्ड मांगा है। जांच एजेंसी यह जानना चाहती है कि इस अवधि में मंदिर में कितना दान और चढ़ावा आया, वह नकद था या अन्य रूप में, उसे किस प्रकार सुरक्षित रखा गया और उसकी गिनती व रिकॉर्डिंग की प्रक्रिया क्या थी।

जांच अधिकारी मदन सिंह बिष्ट के अनुसार, रिकॉर्ड काफी विस्तृत हैं और उन्हें जुटाने में समय लग रहा है। इन दस्तावेजों की जांच के बाद ही पूरे मामले की कड़ियां स्पष्ट हो सकेंगी। SIT तकनीकी जांच पर भी विशेष ध्यान दे रही है। आरोपी कर्मचारी के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), ईमेल गतिविधियों और बैंक खातों की गहन जांच की जा रही है। इसके अलावा वर्तमान कर्मचारियों के साथ-साथ पिछले तीन वर्षों में मंदिर से जुड़े और ट्रांसफर हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों का भी विवरण जुटाया जा रहा है।

पुलिस यह भी समझने की कोशिश कर रही है कि दान और चढ़ावे के प्रबंधन की जिम्मेदारी किन-किन अधिकारियों के पास थी और पूरी प्रक्रिया में किस स्तर पर कौन जिम्मेदार था। इस मामले में CCTV फुटेज सबसे अहम सबूत मानी जा रही है। पुलिस के अनुसार, फिलहाल फुटेज गढ़वाल कमिश्नरेट स्तर की जांच का हिस्सा है। इसके बाद SIT उसे अपने कब्जे में लेकर तकनीकी विश्लेषण करेगी। अधिकारियों का कहना है कि CCTV की जांच बेहद समय लेने वाली प्रक्रिया होती है और एक घंटे की रिकॉर्डिंग को बारीकी से देखने में कई घंटे लग सकते हैं।

इधर, BKTC की आंतरिक जांच भी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। समिति का दावा है कि करीब 40 दिन पुराने CCTV फुटेज की समीक्षा की गई है और दान गिनने की पूरी प्रक्रिया की भी जांच की जा चुकी है। SIT ने मंदिर समिति से घटना से जुड़े 8 से 10 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी जवाब मांगा है। वहीं, शिकायत दर्ज कराने वाले कर्मचारी सहित अन्य संबंधित लोगों के बयान भी रिकॉर्ड किए जा रहे हैं।

पुलिस का कहना है कि यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति, संस्था या स्थान की भूमिका सामने आती है, तो उसे भी जांच के दायरे में लाया जाएगा। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि यह जांच पूरी तरह निष्पक्ष, वैज्ञानिक और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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