लखनऊ : प्रयागराज में भर्ती नियमों को लेकर धरने और अनशन पर बैठे प्रतियोगी छात्रों के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहत का संकेत दिया है। मंगलवार को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) को पत्र लिखने के निर्देश दिए। इसमें प्रभावित अभ्यर्थियों को एक बार की राहत देने की सिफारिश की जाएगी।
मामला माध्यमिक शिक्षा विभाग में शिक्षक भर्ती की पात्रता और नियमों में बदलाव से जुड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक, आगे होने वाली करीब 17,740 पदों की भर्ती में टीईटी अनिवार्य किए जाने और स्नातकोत्तर में 50 प्रतिशत अंक जैसी शर्तों को लेकर अभ्यर्थी विरोध कर रहे हैं। इसी मुद्दे पर प्रयागराज में कुछ अभ्यर्थी धरने और अनशन पर बैठे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के भविष्य को प्रशासनिक जटिलताओं में नहीं उलझाया जाना चाहिए। उन्होंने ऐसी व्यवस्था बनाने की जरूरत बताई, जिसमें एक निश्चित समय सीमा के बाद अभ्यर्थी बिना अनावश्यक बाधा के परीक्षा में शामिल हो सकें। योगी ने इसे पुरानी और जड़ता वाली व्यवस्था बताते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्थाएं युवाओं के सामने बाधाएं खड़ी करती रही हैं।
3567 अभ्यर्थियों को मिले नियुक्ति पत्र
इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के लिए चयनित 3,567 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इनमें 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता (पीजीटी) और 2,372 सहायक अध्यापक (टीजीटी) शामिल हैं। चयन प्रक्रिया उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के माध्यम से पूरी की गई थी।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इन नियुक्तियों के साथ सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में वर्ष 2017 से अब तक संस्था प्रधान और शिक्षकों के विभिन्न पदों पर 48,018 अभ्यर्थियों का चयन या नियुक्ति की जा चुकी है। इनमें 1,456 संस्था प्रधान, 40,955 सहायक अध्यापक और 5,607 प्रवक्ता शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में बताया कि पिछले एक सप्ताह के दौरान 5,297 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। उन्होंने रोजगार और भर्ती प्रक्रिया को लेकर अपनी सरकार के दावों को भी सामने रखा और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था पर जोर दिया।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों, खासकर समाजवादी पार्टी, पर भी राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार नियुक्ति पत्र वितरित कर रही है और विपक्ष के बयानों का जवाब इन कार्यक्रमों के माध्यम से दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इसी संदर्भ में सपा नेतृत्व के लिए ‘सैफई सिंडिकेट’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि सरकार नियुक्ति पत्र देती जाएगी और विपक्ष उन्हें गिनता रहे।
इस पूरे घटनाक्रम में एक तरफ सरकार की ओर से भर्ती और नियुक्तियों का सिलसिला जारी रखने का दावा किया गया है, वहीं दूसरी तरफ प्रयागराज में नियमों में बदलाव को लेकर प्रतियोगी छात्रों का आंदोलन जारी है। अब NCTE को भेजे जाने वाले प्रस्ताव और उस पर होने वाले निर्णय से प्रभावित अभ्यर्थियों को मिलने वाली राहत की तस्वीर स्पष्ट होगी।

