डेढ़ साल के मासूम आरव की हत्या पर बड़ा फैसला: दोषी विराज को मौत की सजा

फिरोजाबाद: एक अदालत ने डेढ़ साल के बच्चे आरव को बार-बार ज़मीन पर पटककर मारने के जुर्म में एक युवक को मौत की सज़ा सुनाई है। अदालत ने यह फ़ैसला एक महीने और दस दिन के अंदर सुनाया। गुरुवार को आरोपी को दोषी ठहराने के बाद अदालत ने अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया था। शुक्रवार को ज़िला जज डॉ. बब्बू सारंग की अदालत ने फ़ैसला सुनाया। मौत की सज़ा का ऐलान होते ही पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच आरोपी को हिरासत में ले लिया।

30 मई, 2026 को दोषी विराज ने मासूम बच्चे को उठाया और उसे आठ बार ज़मीन पर पटका। इस घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया था; इसमें युवक बच्चे को मारने के बाद इधर-उधर देखता हुआ और फिर घर के बाहर शव छोड़कर भागता हुआ दिखाई दिया। वीडियो सामने आने के बाद, पुलिस ने एक मुठभेड़ के दौरान विराज को गिरफ़्तार किया और उसके दोनों पैरों में गोली मारी।

ज़िला सरकारी वकील राजीव उपाध्याय ने बताया कि फिरोजाबाद ज़िले के अरांव थाना क्षेत्र के बमाई गाँव की रहने वाली रति का ससुराल बदायूँ में था। पति से झगड़े के कारण रति अपने मायके में माँ के साथ रह रही थी। इस दौरान वह विराज (उर्फ़ जितेंद्र पाठक) नाम के युवक के संपर्क में आई, जो उसका रिश्तेदार (पति का छोटा भाई/देवर) था और बदायूँ का ही रहने वाला था।

रति अपनी माँ के साथ फिरोजाबाद ज़िले के शिकोहाबाद शहर की यादव कॉलोनी में एक रिश्तेदार के घर आई थी। 30 मई को विराज यादव कॉलोनी पहुँचा और रति के डेढ़ साल के बेटे आरव को टॉफ़ी दिलाने के बहाने घर से बाहर ले गया। एक सुनसान गली में उसने आरव को आठ बार ज़मीन पर पटका, जिससे बच्चे की मौत हो गई। इस घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया था।

इस मामले में विराज के ख़िलाफ़ FIR दर्ज की गई थी। 8 मई की रात को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान विराज को गिरफ़्तार किया और जेल भेज दिया। पुलिस ने तेज़ी से कार्रवाई करते हुए सिर्फ़ छह दिनों के भीतर अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। यह मुक़दमा ज़िला जज डॉ. बब्बू सारंग की अदालत में चला। ज़िला सरकारी वकील राजीव उपाध्याय ने बताया कि सुनवाई के दौरान कई गवाह पेश किए गए। अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने मज़बूत सबूत पेश किए। गुरुवार को इस मामले की सुनवाई हुई, जिसमें कड़े सुरक्षा इंतज़ामों के बीच विराज अदालत में पेश हुआ। वकीलों की दलीलें सुनने के बाद, अदालत ने आरोपी विराज को दोषी ठहराया और अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया। शुक्रवार को अदालत ने विराज को मौत की सज़ा सुनाई। पूरी कार्यवाही के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम थे और पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में दोषी विराज को जेल पहुँचाया।

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