दरअसल, 2017 में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आजम खान पर आर्मी का हौसला तोड़ने और समुदाय आधारित बयान देने का आरोप लगा था। इस मामले में शहर MLA आकाश सक्सेना ने सिविल लाइंस थाने में केस दर्ज कराया था। गुरुवार को MP-MLA मजिस्ट्रेट ने गवाहों के बयान और सबूतों की जांच के बाद फैसला सुनाया और आजम खान को बरी कर दिया।
आजम खान के वकील मुरसलीन ने बताया कि आकाश सक्सेना ने 29 जून 2017 को केस दर्ज कराया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि आजम खान ने आर्मी के जवानों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी। इस केस का ट्रायल कोर्ट में हुआ, लेकिन प्लेनटिफ अपने आरोप साबित नहीं कर पाए। इसलिए, कोर्ट ने आजम खान को बरी कर दिया। अपने फैसले में, कोर्ट ने साफ कहा कि प्लेनटिफ अपने आरोपों को फैक्ट्स के साथ साबित करने में फेल रहे। इसलिए, आजम खान को सभी आरोपों से बरी किया जाता है।

