मुजफ्फरनगर : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को शुकतीर्थ पहुंचे। जहां उन्होंने कहा कि मध्यकाल में जब देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था, तब संत रविदास के रूप में प्रकाश की किरण उभरी। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार किया और समाज को नई चेतना देने का काम किया। सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर आरोप लगात हुए कहा कि पिछली सरकारों ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर को सम्मान नहीं दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लंदन में वह छात्रावास भी खरीद लिया है, जहां बाबा साहब ने पढ़ाई की थी और उनकी स्मृति को संजोने का काम किया है। कानून व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि अब कांधला और कैराना जैसी घटनाएं नहीं हो सकतीं। उन्होंने घोषणा की कि तीर्थनगरी में संत रविदास और ज्ञान भिक्षुक दास की प्रतिमाएं लगाई जाएंगी। संत समनदास के नाम पर घाट बनाया जाएगा। सड़कों का चौड़ीकरण किया जाएगा।

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुजफ्फरनगर पहुंचे। यहां उन्होंने शुकतीर्थ स्थित आश्रम में बड़े संत समागम और सत्संग कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम स्वामी ज्ञान भिक्षुक दास की 65वीं पुण्यतिथि और संत समनदास महाराज की स्मृति में आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम सतगुरु रविदास-सतगुरु समनदास आश्रम में आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि संत शिरोमणि रविदास जी ने सामाजिक कुरीतियों और कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई और समाज को जागरूक करने का काम किया। उन्होंने कहा था कि “यदि मन शुद्ध है, तो हर जगह पवित्र हो जाती है।” संत रविदास का यह कथन भी उल्लेखनीय है- “मैं ऐसा राज्य चाहता हूं जहां सभी को भोजन मिले, सभी समान रूप से रहें और सभी का जीवन खुशहाल हो।”

उनके शब्द बहुत प्रेरणादायक हैं, जो सद्भाव और समानता का संदेश देते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संत रविदास की इसी भावना को क्रियान्वित किया। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत कोरोना काल से अब तक 81 करोड़ लोगों तक खाद्यान्न पहुंचाया गया है। यह संतों की प्रेरणा का प्रभाव है, जो आज के नेतृत्व को दिशा दे रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि 2014 से पहले काशी जाने वाली सड़क जर्जर थी और उसमें केवल एक लेन थी, लेकिन अब उसे चार लेन से जोड़ दिया गया है। भव्य विकास कार्य किए गए हैं। संत रविदास की प्रतिमा भी स्थापित की गई है। इन महान संतों ने समाज को एकता की नई दिशा दिखाई, जो न केवल सुरक्षा प्रदान करती है बल्कि समाज के सर्वांगीण विकास का मार्ग भी प्रशस्त करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने भारत को संविधान जैसी अमूल्य धरोहर दी, लेकिन आजादी के बाद उन्हें वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे वास्तव में हकदार थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार उनके सम्मान में ‘पंच तीर्थ’ की स्थापना की गई। बाबा साहब ने इंग्लैंड के एक प्रतिष्ठित कॉलेज से उच्च शिक्षा प्राप्त की थी। बाद में इंग्लैंड सरकार द्वारा उस कॉलेज को नीलाम करने की प्रक्रिया शुरू हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल उस ऐतिहासिक स्थल को खरीदा, बल्कि उसे बाबा साहब अंबेडकर की स्मृति में एक अंतरराष्ट्रीय स्मारक में बदल दिया। अब यह स्थान विदेश में पढ़ने वाले अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए छात्रावास और छात्रवृत्ति जैसी सुविधाओं से सुसज्जित है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मोती झील संरक्षण परियोजना से संबंधित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म और चित्रों का एक एल्बम भी दिखाया गया। यह परियोजना नगर पालिका द्वारा संचालित की जा रही है, जिसका उद्देश्य मोती झील को एक आकर्षक पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित करना है।
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