कुरुक्षेत्र : नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस ने शनिवार को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आवास का घेराव करने निकले कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक दिया। जब प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान प्रदर्शन स्थल पर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति भी देखने को मिली।

यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष निशित कटारिया के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने के लिए एकत्र हुए थे। प्रदर्शन में कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा, यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु चिब, थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा, शाहबाद से कांग्रेस विधायक सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। सभी नेताओं ने केंद्र सरकार पर परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखने में विफल रहने का आरोप लगाया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा बैरिकेड पर चढ़ गए और कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते नजर आए। पुलिस और प्रशासन ने मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा के मद्देनजर कई स्तर की बैरिकेडिंग की थी। जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की, पुलिस ने वॉटर कैनन का प्रयोग कर उन्हें पीछे हटाने का प्रयास किया।
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि उनका विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक सभी प्रदर्शनकारियों को एक साथ गिरफ्तार नहीं किया जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि देश और हरियाणा में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे युवाओं में भारी आक्रोश है। उन्होंने कहा कि युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और उनकी आवाज सरकार तक पहुंचाना कांग्रेस की जिम्मेदारी है। दीपेंद्र हुड्डा ने जंतर-मंतर पर हुए अन्य विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ संगठनों को प्रदर्शन की अनुमति दी गई है, जबकि कांग्रेस को अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ भेदभाव बताया।
यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु चिब ने कहा कि देशभर में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। चिब ने कहा कि प्रधानमंत्री को इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक यूथ कांग्रेस का आंदोलन देशभर में जारी रहेगा।
वहीं थानेसर के विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री का गृह जिला होने के कारण युवा अपनी बात सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाना चाहते थे। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। फिलहाल इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस मामले पर सियासी माहौल और गर्माने की संभावना जताई जा रही है।

