मलबे से अस्पताल तक चीख-पुकार, कौशांबी पटाखा फैक्ट्री हादसे में मौत का आंकड़ा 14 पहुंचा

SRN Hospital Prayagraj
कौशांबी : पिपरी थाना क्षेत्र के महमूदपुर मनौरी में अवैध रूप से संचालित पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद मौत का आंकड़ा बढ़कर 14 पहुंच गया है। हादसे में गंभीर रूप से झुलसी 16 वर्षीय उर्वशी ने प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल (एसआरएन) में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं हादसे में झुलसे तीन लोगों का अभी भी अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
SRN Hospital Prayagraj

उर्वशी की हालत हादसे के बाद से ही बेहद नाजुक बनी हुई थी। डॉक्टरों की ओर से उसे बचाने की तमाम कोशिशें की गईं, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उर्वशी की मौत की खबर जैसे ही परिजनों को मिली, परिवार में कोहराम मच गया। इस हादसे ने एक बार फिर अवैध पटाखा निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

धमाके से ताश के पत्तों की तरह ढही इमारत

सोमवार को महमूदपुर मनौरी स्थित पटाखा फैक्ट्री में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ था। धमाका इतना शक्तिशाली था कि पूरी इमारत भरभराकर ढह गई। विस्फोट की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।

राहत और बचाव टीमों ने मलबे को हटाकर लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। कई शव क्षत-विक्षत हालत में मलबे से निकाले गए। वहीं गंभीर रूप से झुलसे लोगों को तत्काल प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल भेजा गया।

अवैध फैक्ट्री को लेकर उठे सवाल

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि रिहायशी इलाके के नजदीक पटाखों का निर्माण करने वाली फैक्ट्री आखिर इतने लंबे समय से कैसे चल रही थी। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि फैक्ट्री के संचालन के लिए कौन जिम्मेदार था और सुरक्षा मानकों की किस स्तर पर अनदेखी हुई।

पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हादसे के बाद फरार हुए मुख्य आरोपी नौशाद को गिरफ्तार कर लिया गया है।

अब जिम्मेदारी तय करने की चुनौती

हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान के साथ अब प्रशासन के सामने जिम्मेदारी तय करने की चुनौती है। फैक्ट्री में पटाखों के निर्माण और भंडारण की परिस्थितियों, सुरक्षा इंतजामों और संचालन से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। फिलहाल तीन घायल अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं, जबकि उर्वशी की मौत के बाद इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या 14 हो गई है। परिवारों का दर्द और मलबे से सामने आई तबाही इस हादसे की भयावहता को बयां कर रही है।

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