पिता के अंतिम संस्कार में नहीं आई आत्मनिर्भर बेटियां, चिता पर अकेले विदा हो गए पिता, वृद्धाश्रम में कपड़ा व्यापारी की मौत  

पिता के अंतिम संस्कार में नहीं आई आत्मनिर्भर बेटियां, चिता पर अकेले विदा हो गए पिता, वृद्धाश्रम में कपड़ा व्यापारी की मौत  

सोनीपत : कहते हैं कि एक पिता अपने बच्चों की खुशियों के लिए पूरी जिंदगी खपा देता है। उनकी पढ़ाई, उनका भविष्य, उनकी हर जरूरत पूरी करने में अपनी इच्छाओं तक का त्याग कर देता है। लेकिन जब वही पिता जीवन के अंतिम पड़ाव पर पहुंचता है, तो उसे सबसे ज्यादा जरूरत अपने बच्चों के साथ और उनके स्नेह की होती है। हरियाणा के सोनीपत से सामने आई एक ऐसी ही कहानी हर किसी की आंखें नम कर रही है। यह कहानी है 74 वर्षीय शिवचरण रामरत्न गुप्ता की, जिन्होंने मुंबई में वर्षों…

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