बांका : बिहार के बांका में फर्जी प्रमाण पत्र मामले में शिक्षा विभाग और निगरानी जाँच ब्यूरो की बड़ी लापरवाही सामने आई है। निगरानी जाँच ब्यूरो ने हाल ही में एक मृत शिक्षक के खिलाफ फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर मुकदमा दर्ज किया है। मिर्जापुर पंचायत के सोनडीहा निवासी शिक्षक निरंजन कुमार प्राथमिक विद्यालय मेहरपुर में पदस्थापित थे। 2021 में कोविड-19 महामारी के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इसके बावजूद, निगरानी जाँच ब्यूरो ने हाल ही में उनके खिलाफ फर्जी प्रमाण पत्र मामले में मामला दर्ज किया है।

निरंजन कुमार के परिजनों ने तुरंत शिक्षा विभाग को उनकी मृत्यु की सूचना दी और प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) से मृत्यु प्रमाण पत्र जिला कार्यालय में जमा करा दिया। इसके बावजूद, निगरानी जाँच ब्यूरो को इसकी जानकारी नहीं हुई और उसने मृत शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी। निरंजन कुमार लंबे समय तक शिक्षा विभाग की प्रमाण पत्र सत्यापन प्रक्रिया से बचते रहे। जब निगरानी जाँच ब्यूरो ने यह जाँच अपने हाथ में ली, तो उनके शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की जाँच शुरू हुई। जाँच के दौरान उनका प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया। हालाँकि, शिक्षिका की मृत्यु 2021 में हो गई थी, जिसकी सूचना विभाग को दे दी गई थी।
निगरानी ब्यूरो की जाँच में प्राथमिक विद्यालय जगतापुर में कार्यरत शिक्षिका पल्लवी कुमारी का प्रमाण पत्र भी फर्जी पाया गया। बताया जा रहा है कि पल्लवी 2018 से लापता हैं। इस मामले में निगरानी ब्यूरो ने दोनों शिक्षिकाओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू की, लेकिन मृतक शिक्षिका के खिलाफ ही मामला दर्ज किया गया। निरंजन कुमार की पत्नी खुशबू कुमारी, बड़े भाई और पूर्व प्रखंड प्रमुख जितेंद्र यादव, छोटे भाई मनीष कुमार और अन्य परिजनों ने इस कार्रवाई पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया है। उनका कहना है कि मृत्यु की सूचना पहले ही दे दी गई थी, फिर भी निगरानी ब्यूरो से ऐसी गलती कैसे हो गई? इस घटना ने उनके परिवार को मानसिक रूप से आहत किया है।

थाना प्रभारी मंटू कुमार ने बताया कि मृत्यु प्रमाण पत्र मिलने के बाद इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी जाएगी और मामले की आगे की जाँच की जाएगी। विजिलेंस जाँच ब्यूरो और शिक्षा विभाग को इस लापरवाही के लिए जवाबदेही तय करनी होगी। साथ ही, इस घटना ने फर्जी प्रमाण पत्रों के खिलाफ चल रही कार्रवाई में और अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता को रेखांकित किया है। शुक्रवार को निरंजन कुमार का मृत्यु प्रमाण पत्र परिवार द्वारा दिया गया। जिसकी सूचना जिले को दी जाएगी। विजिलेंस टीम ने मृतक शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया है।
यह मामला स्थानीय प्रखंड शिक्षक संघ में भी काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। विजिलेंस ब्यूरो और शिक्षा विभाग की इस गलती को लेकर शिक्षकों में रोष है। कई शिक्षकों ने इसे विभागीय लापरवाही का नतीजा बताया है और ऐसी गलतियों को रोकने के लिए बेहतर समन्वय की मांग की है।

