कांवड़ियों पर विवादित बयान देने के आरोप में मौलाना साजिद रशीदी के खिलाफ FIR, देवबंदी उलेमाओं ने भी जताई नाराजगी

Deobandi Ulema are furious over Dhirendra Shastri's statement, Ulema saying "You will be better off if you stick to your statement."

सहारनपुर : कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्त कांवड़ियों को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना साजिद रशीदी के खिलाफ मुजफ्फरनगर की सिविल लाइन थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। हिंदू संघर्ष समिति की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बयान को लेकर जहां हिंदू संगठनों में नाराजगी है, वहीं देवबंदी उलेमाओं ने भी मौलाना साजिद रशीदी की टिप्पणी की निंदा की है साथ ही कार्यवाई को लेकर सरकार पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है।

आपको बता दें कि शुक्रवार को हिंदू संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर मौलाना साजिद रशीदी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत में कांवड़ यात्रा और शिवभक्त कांवड़ियों को लेकर दिए गए उनके कथित बयान का हवाला दिया गया। पुलिस ने शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। मामला सामने आने के बाद मौलाना साजिद रशीदी के बयान की चौतरफा आलोचना हो रही है। वहीं, पुलिस की कार्रवाई के बाद धार्मिक और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं।

देवबंदी उलेमा कारी इश्हाक गोरा ने भी मौलाना साजिद रशीदी के कथित बयान की निंदा की है। उन्होंने कहा कि साजिद रशीदी को अक्सर टीवी चैनलों पर देखा जाता है और उन्होंने कांवड़ यात्रियों के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है। कारी इश्हाक गोरा ने कहा कि कांवड़ यात्रियों के लिए ‘आतंकवादी’ शब्द का इस्तेमाल करना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या कांवड़ लेकर चलने वाले शिवभक्तों के आतंकवादी होने का कोई प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यदि मौलाना साजिद रशीदी के पास इस तरह के आरोपों के कोई प्रमाण हैं तो उन्हें देश की जनता के सामने रखना चाहिए। अगर कोई प्रमाण नहीं है तो उन्हें बिना शर्त हिंदू समाज से माफी मांगनी चाहिए।

कारी इश्हाक गोरा ने मुकदमा दर्ज किए जाने को लेकर कहा कि यदि कोई व्यक्ति बिना प्रमाण किसी धर्म विशेष के लोगों के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि इसी आधार पर मौलाना साजिद रशीदी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। हालांकि, उन्होंने सरकार की कार्रवाई को लेकर सवाल भी उठाए। कारी इश्हाक गोरा ने कहा कि कई बार बिना प्रमाण मदरसों और वहां पढ़ने वाले बच्चों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए जाते हैं। उन्होंने सवाल किया कि ऐसे मामलों में कार्रवाई क्यों नहीं होती।

उन्होंने सरकार से सभी मामलों में समान कानून और समान कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। उनका कहना है कि किसी भी समुदाय या धर्म के खिलाफ बिना प्रमाण आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों पर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। वहीं, मौलाना साजिद रशीदी के कथित बयान को लेकर विवाद लगातार चर्चा में बना हुआ है।

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