सहारनपुर : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में एक ओर जहां अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है वहीं लखनऊ से आई टीम ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर खनन कारोबारियों से अवैध वसूली मामले का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बसपा के पूर्व MLC एवं खनन माफिया रहे हाजी इकबाल से जुड़े दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए अभियुक्तों के पास से रंगदारी के रूप मे लिये गये 25 लाख रुपये भी नगद बरामद किए है। खास बात ये है कि यह कार्रवाई डीएम और SSP के निर्देशन में की गई है। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई के बाद खनन कारोबारियों में ही नहीं बल्कि खनन से जुड़े लोगों और अनावश्यक शिकायत करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। यह कार्रवाई पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल से जुड़े कथित खनन सिंडिकेट की जांच के दौरान की गई।
पुलिस के मुताबिक पुलिस टीम ने पंचकुआं क्षेत्र में स्थित एक क्रेशर पर दबिश दी जहां से सुरेंद्र, ईश्वरपाल और उनके सहयोगियों को हिरासत में लिया गया। फिलहाल दो लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि हुई है। जबकि करीब 15 अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित गिरोह है, जो लंबे समय से अवैध खनन कराने और उससे जुड़े अपराधों में सक्रिय था। इतना ही नहीं खनन कारोबारियों के ख़िलाफ़ झूठी शिकायते करने की धमकी देकर अवैध वसूली भी करते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह खनन कारोबारियों को धमका कर उनसे रंगदारी वसूली करता था।
आरोप है कि खनन कारोबारी प्रदीप राणा से करीब 30 लाख रुपये तक की वसूली कर चुके हैं। जो लोग पैसे देने से मना करते थे, उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने, जेल भिजवाने और लखनऊ, दिल्ली और NGT में शिकायत कर उनका कारोबार बंद कराने की धमकी भी दी जाती थी। इस तरह गिरोह ने खनन क्षेत्र में डर का माहौल बनाया हुआ था। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार आरोपियों में शामिल सुरेंद्र और ईश्वरपाल खुद को अब तक किसानों का हितैषी और खनन के खिलाफ आवाज उठाने वाला समाजसेवी बताते थे। लेकिन पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि वे पर्दे के पीछे से इसी अवैध खनन नेटवर्क का हिस्सा थे और कथित तौर पर हाजी इकबाल के लिए काम कर रहे थे।
SSP अभिनंदन सिंह ने बताया कि छापेमारी के दौरान मिली 25 लाख रुपये की नकदी को ज़ब्त कर लिया है। इसके अलावा, क्रेशरों से जुड़े दस्तावेजों और डीड में आरोपियों की आपसी साझेदारी के पुख्ता सबूत भी मिले हैं। इन दस्तावेजों से यह संकेत मिलता है कि यह पूरा नेटवर्क एक बड़े सिंडिकेट के रूप में काम कर रहा था, जिसमें कई प्रभावशाली लोग भी शामिल हो सकते हैं। इस मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है और कई रसूखदार लोगों के नाम भी सामने आ रहे हैं। पुलिस अब आर्थिक लेनदेन, संपत्तियों और नेटवर्क के अन्य लिंक की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस की कई टीमें अवैध वसूली करने वाले इस सिंडिकेट से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी के लिए लगाई गईं हैं। उन्होंने कहा कि अवैध खनन और उससे जुड़े आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।