हरियाणा : हरियाणा सरकार प्रदेश के पशुपालकों को बड़ी राहत देने की तैयारी में है। अब पशुओं के इलाज के लिए पशुपालकों को अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, क्योंकि जल्द ही मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयां घर-घर जाकर उपचार सेवाएं उपलब्ध कराएंगी। पशु चिकित्सा विशेषज्ञों और सहायकों से लैस ये मोबाइल वैन टोल-फ्री नंबर 1962 के माध्यम से संचालित की जाएंगी और हर दिन सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक सेवाएं देंगी।
मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने इस नई व्यवस्था को पशुपालकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य गांवों और दूरदराज क्षेत्रों तक बेहतर पशु चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस सेवा को चरणबद्ध तरीके से 24 घंटे उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाए, ताकि किसी भी समय पशुओं को आपातकालीन चिकित्सा सहायता मिल सके।
सरकार की योजना के अनुसार जैसे ही कोई पशुपालक टोल-फ्री नंबर 1962 पर कॉल करेगा, मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई 30 मिनट के भीतर संबंधित लाभार्थी के घर पहुंचेगी। इससे पशुओं का समय पर इलाज संभव हो सकेगा और गंभीर परिस्थितियों में उनकी जान बचाने में भी मदद मिलेगी।
इन मोबाइल वैन में प्रशिक्षित पशु चिकित्सक, सहायक स्टाफ तथा जरूरी दवाइयां और प्राथमिक उपचार उपकरण उपलब्ध रहेंगे। वैन के माध्यम से पशुओं की जांच, उपचार, टीकाकरण और आपातकालीन सेवाएं सीधे गांवों में प्रदान की जाएंगी। इससे खासतौर पर उन पशुपालकों को लाभ मिलेगा जो दूरस्थ इलाकों में रहते हैं और अस्पताल तक पहुंचने में कठिनाई का सामना करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन हरियाणा की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और सरकार पशुपालकों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और त्वरित सेवाओं के माध्यम से पशुधन की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।
इस नई पहल से प्रदेश के लाखों पशुपालकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही पशुओं में होने वाली बीमारियों की रोकथाम और समय पर उपचार से दुग्ध उत्पादन तथा पशुपालन व्यवसाय को भी मजबूती मिलेगी।
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