सहारनपुर : सहारनपुर में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों, महंगाई, विदेश नीति और सांप्रदायिक मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। अंबाला रोड स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि देश इस समय गंभीर आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है, लेकिन सरकार असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए जनता को धार्मिक और भावनात्मक बहसों में उलझा रही है। उन्होंने साफ कहा कि आने वाले महीनों में महंगाई और बढ़ेगी तथा आम आदमी की परेशानियां कम होने के बजाय और ज्यादा बढ़ सकती हैं। इस दौरान इमरान मसूद ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की और भाजपा नेताओं पर गाय कटवाने और बीफ खाने के गंभीर आरोप लगाये हैं।
इमरान मसूद ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने का असर सीधे तौर पर हर वर्ग के आदमी पर पड़ता है। परिवहन महंगा होता है, जिससे खाद्य पदार्थों से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों का सामान भी महंगा हो जाता है। उन्होंने दावा किया कि अगले तीन महीनों में महंगाई का दबाव और तेज दिखाई देगा और इसका सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग तथा गरीब परिवारों पर पड़ेगा। कांग्रेस पार्टी लगातार संसद और सड़कों पर अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दे उठाती रही है, लेकिन सरकार इन सवालों का जवाब देने से बचती रही है। इमरान मसूद ने कहा कि देश का नौजवान पढ़-लिखकर भी रोजगार के लिए भटक रहा है। पेपर लीक की घटनाओं और ठेका भर्ती व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि युवाओं का भविष्य असुरक्षित हो गया है। उनका कहना था कि लाखों युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में वर्षों लगा देते हैं, लेकिन पेपर लीक और भर्ती घोटालों के कारण उनका विश्वास व्यवस्था से उठता जा रहा है।
इमरान मसूद ने महिलाओं की आर्थिक परेशानियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई के कारण घर चलाना मुश्किल होता जा रहा है। रसोई गैस, खाद्य तेल, सब्जियों और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों ने आम परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता को राहत देने के बजाय प्रचार और बड़े-बड़े दावों में व्यस्त है। बकरीद और गाय के मुद्दे पर बोलते हुए मसूद ने कहा कि कई मुस्लिम संगठनों ने पहले ही अपील की है कि गाय की कुर्बानी नहीं की जाएगी और दूसरे धर्मों की भावनाओं का सम्मान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश में आपसी भाईचारा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। इसी दौरान उन्होंने सरकार से मांग की कि यदि गाय करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है तो उसे राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए।
मॉब लिंचिंग और मुसलमानों की सुरक्षा के सवाल पर इमरान मसूद ने कहा कि देश में गाय के नाम पर लोगों को रोका जा रहा है, पीटा जा रहा है और उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम अपने भाइयों की आस्था का सम्मान करेंगे, लेकिन गाय के नाम पर मुसलमानों को सड़क पर रोककर पीटा जाता है। इसी नाम पर लोगों की लिंचिंग हो रही है।” उन्होंने आरोप लगाया कि समाज में डर और विभाजन का माहौल बनाया जा रहा है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि उनकी पार्टी किसी एक वर्ग या धर्म की नहीं बल्कि हर समाज और हर समुदाय की पार्टी है। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी वर्ग के साथ अन्याय या उत्पीड़न होगा तो कांग्रेस उसके साथ मजबूती से खड़ी होगी।
मसूद ने यह भी कहा कि देश की राजनीति को नफरत और ध्रुवीकरण से बाहर निकालने की जरूरत है। विदेश नीति को लेकर भी उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। मसूद ने आरोप लगाया कि भारत ने अपने पुराने सहयोगियों से दूरी बना ली है और अमेरिका के प्रभाव में फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सस्ते तेल के विकल्प मौजूद होने के बावजूद भारत उसका पूरा लाभ नहीं उठा पा रहा है, जिसका असर सीधे देश की जनता पर पड़ रहा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इमरान मसूद ने 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक बयान भी दिया। उन्होंने कहा कि उनके परिवार का कोई भी सदस्य विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगा। मसूद ने कहा कि 2024 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें जिताने के लिए पूरी ताकत लगाई थी और अब समय कार्यकर्ताओं का कर्ज उतारने का है। उनके इस बयान को संगठन के भीतर कार्यकर्ताओं को मजबूत संदेश देने के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति “नफरत बनाम मोहब्बत” की लड़ाई है और पार्टी राहुल गांधी के नेतृत्व में देश के मुद्दों को मजबूती से उठा रही है। मसूद ने कहा कि कांग्रेस आने वाले समय में महंगाई, बेरोजगारी, किसानों और युवाओं के मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी।