चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini की ‘गो ग्लोबल’ सोच को नई गति मिली है। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में छह किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) ने MDH के साथ महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के माध्यम से अब हरियाणा के किसानों को तंजानिया, केन्या सहित कई अफ्रीकी देशों में खेती और कृषि व्यवसाय के नए अवसर उपलब्ध होंगे।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ हरियाणा के कृषि उत्पादों और प्राकृतिक खेती के मॉडल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। समझौते के तहत किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, बेहतर बाजार और निर्यात के अवसरों से जोड़ा जाएगा।
इस परियोजना के अंतर्गत पंचकूला जिले के Morni क्षेत्र में अदरक, हल्दी, मिर्च और अन्य मसाला फसलों की खेती को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। शुरुआती चरण में लगभग 4,000 एकड़ भूमि पर प्राकृतिक खेती शुरू करने की योजना तैयार की गई है। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा बल्कि रासायनिक उर्वरकों पर किसानों की निर्भरता भी कम होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह सुनिश्चित किया गया है कि प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को किसी भी प्रकार का नुकसान होने पर उचित भरपाई प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए कंपनी द्वारा बाजार भाव से 10 प्रतिशत अधिक कीमत देने का भी प्रावधान किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल हरियाणा के कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है। प्राकृतिक खेती और मसाला उत्पादन को बढ़ावा मिलने से किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा राज्य के कृषि उत्पादों की वैश्विक बाजारों तक पहुंच मजबूत होगी।
सरकार का मानना है कि ‘गो ग्लोबल’ पहल के माध्यम से हरियाणा के किसान केवल स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कृषि व्यापार का भी महत्वपूर्ण हिस्सा बनेंगे। यह कदम राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के साथ-साथ किसानों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी पैदा करेगा।
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