CM योगी के पास पहुंची राम मंदिर दान घोटाले की गोपनीय रिपोर्ट, SIT ने सौंपी अंतरिम जांच; आगे होंगे बड़े खुलासे?

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अयोध्या: अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर के दान में कथित गड़बड़ी के मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी प्रारंभिक जांच पूरी कर अंतरिम रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी है। इस बहुचर्चित मामले में अब जांच का अगला चरण शुरू होने जा रहा है, जिसमें कई अहम पहलुओं की गहराई से पड़ताल की जाएगी। बताया जा रहा है कि रिपोर्ट शासन तक पहुंच चुकी है और जल्द ही आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जा सकता है।

मंगलवार को एसआईटी के प्रमुख सदस्य एवं लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत ने अपनी टीम के अन्य दो सदस्यों के साथ अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को यह अंतरिम रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट सौंपे जाने का आधिकारिक वीडियो भी जारी किया गया है। विजय विश्वास पंत ने स्पष्ट किया कि यह एक गोपनीय अंतरिम रिपोर्ट है और इसकी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि जांच अभी जारी है तथा अंतिम रिपोर्ट बाद में शासन को सौंपी जाएगी।

सूत्रों के अनुसार यह रिपोर्ट करीब 150 पन्नों की है, जिसमें कई महत्वपूर्ण बिंदुओं का उल्लेख किया गया है। बताया जा रहा है कि एसआईटी ने शुरुआती जांच महज सात दिनों में पूरी कर ली है, लेकिन कई पहलुओं पर अभी भी सबूत जुटाए जा रहे हैं। जांच टीम अब दान राशि, मंदिर में प्राप्त आभूषणों और जमीन खरीद-फरोख्त से जुड़े दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच कर रही है।

जानकारी के मुताबिक, हाल ही में एसआईटी के सदस्यों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात कर जांच की प्रगति से अवगत कराया था। सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर इस पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। जांच दल को सात दिन में प्रारंभिक और 15 दिन में अंतिम रिपोर्ट देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

सूत्रों का दावा है कि अंतरिम रिपोर्ट में सबसे अधिक फोकस मंदिर में आए चढ़ावे और दान में कथित अनियमितताओं पर किया गया है। वहीं, जांच के दौरान ट्रस्ट से जुड़े कुछ पदाधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। एहतियात के तौर पर संबंधित लोगों को फिलहाल अयोध्या छोड़ने से मना किया गया है, ताकि जांच प्रभावित न हो।

बताया जा रहा है कि ट्रस्ट के कुछ अधिकारियों के बयान ऑनलाइन माध्यम से दर्ज किए गए हैं, जबकि एक वरिष्ठ पदाधिकारी को एसआईटी के सामने व्यक्तिगत रूप से अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है। जांच एजेंसियां अब दस्तावेजी साक्ष्यों और वित्तीय लेन-देन का मिलान कर रही हैं, जिसके आधार पर अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

राम मंदिर देश की आस्था का केंद्र है, इसलिए इस मामले पर पूरे देश की नजर बनी हुई है। फिलहाल सरकार ने रिपोर्ट को गोपनीय रखा है और अंतिम जांच पूरी होने के बाद ही किसी भी प्रकार की आधिकारिक कार्रवाई या निष्कर्ष सामने आने की संभावना है।

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