सहारनपुर : श्रावण मास की आस्था अपने चरम पर है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे लाखों शिवभक्तों के कदम सहारनपुर की सड़कों से गुजर रहे हैं। “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष के बीच इस बार सहारनपुर पुलिस भी सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क दिखाई दे रही है। कांवड़ यात्रा-2026 के दूसरे चरण में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अभिनंदन स्वयं सड़क पर उतरकर व्यवस्थाओं का जायजा लेते नजर आए। खास बात यह रही कि इस बार पुलिस केवल ट्रैफिक संभालती नहीं दिखी, बल्कि 12 फीट लंबे पाइप और इंचीटेप की मदद से डीजे वाहनों की ऊंचाई नापकर शासन के निर्देशों का सख्ती से पालन भी कराती दिखाई दी।
गुरुवार को एसएसपी अभिनंदन ने अंबेडकर चौक से जेल चुंगी, राकेश केमिकल, गागलहेड़ी होते हुए बड़कला (उत्तराखंड सीमा) तक पूरे कांवड़ मार्ग और राष्ट्रीय राजमार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। रास्ते में उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान राकेश केमिकल पुलिस चौकी के पास का दृश्य सबसे अलग था। यहां पुलिसकर्मी 12 फीट लंबे लोहे के पाइप और इंचीटेप के सहारे एक-एक डीजे वाहन की ऊंचाई माप रहे थे। एसएसपी स्वयं मौके पर खड़े होकर पूरी प्रक्रिया की निगरानी करते रहे। जिस वाहन की ऊंचाई निर्धारित सीमा से अधिक मिली, उसे तुरंत रोक दिया गया। वाहन संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि पहले डीजे की ऊंचाई 12 फीट के मानक के अनुरूप करें, तभी उन्हें आगे जाने की अनुमति मिलेगी।
एसएसपी अभिनंदन ने कहा कि शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कांवड़ यात्रा के दौरान 12 फीट से अधिक ऊंचाई वाला कोई भी डीजे वाहन सड़क पर नहीं चलेगा। सहारनपुर जिले में इस नियम का पूरी तरह पालन कराया जा रहा है। उन्होंने दो टूक कहा कि सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि चार अगस्त की रात से कांवड़ यात्रा का दूसरा चरण शुरू हो चुका है। इसके साथ ही जिले में ट्रैफिक डायवर्जन प्लान पूरी तरह लागू कर दिया गया है। भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं, जबकि कांवड़ मार्ग पर पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई है। सभी प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर हाइट बैरियर लगाए गए हैं, जहां प्रत्येक डीजे वाहन की ऊंचाई मापी जा रही है। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी ऊंचा वाहन बिजली के तारों, पुलों या अन्य संरचनाओं से टकराकर हादसे का कारण न बने।

एसएसपी ने बताया कि पिछले वर्षों में कई बार देखा गया कि श्रद्धालु डीजे पर लगे बड़े स्पीकरों के ऊपर बैठ जाते हैं। यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है। इसलिए पुलिस ऐसे श्रद्धालुओं को तुरंत नीचे उतरवा रही है और उन्हें सुरक्षा के प्रति जागरूक भी कर रही है। उनका कहना था कि पुलिस का उद्देश्य कार्रवाई करना नहीं, बल्कि प्रत्येक शिवभक्त की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है। बारिश के बीच भी सहारनपुर पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ ड्यूटी निभा रही है। कांवड़ मार्ग पर जगह-जगह पुलिस बल, पीएसी, यातायात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तैनात हैं। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। एटीएस की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं, जबकि ड्रोन कैमरों के जरिए भी पूरे मार्ग पर नजर रखी जा रही है। कंट्रोल रूम से हर गतिविधि की मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
एसएसपी अभिनंदन ने कहा कि सभी पुलिस अधिकारी, मजिस्ट्रेट और प्रशासनिक अधिकारी 24 घंटे फील्ड में मौजूद हैं। उनका एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि करोड़ों लोगों की आस्था का यह महापर्व पूरी तरह सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो। उन्होंने कहा कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने का काम नहीं कर रही, बल्कि कांवड़ियों की हर संभव सहायता भी कर रही है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों को भी कड़ा संदेश दिया। एसएसपी ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति कांवड़ यात्रा की पवित्रता भंग करने, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली झूठी अथवा भ्रामक सूचना सोशल मीडिया पर प्रसारित करेगा तो उसके खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाएगा और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की साइबर टीम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार नजर बनाए हुए है।
श्रावण कांवड़ यात्रा में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु सहारनपुर से होकर गुजरते हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुचारु यातायात और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना होती है। इस बार 12 फीट के पाइप और इंचीटेप से डीजे वाहनों की ऊंचाई नापने की व्यवस्था इस बात का संकेत है कि प्रशासन छोटी से छोटी सुरक्षा व्यवस्था को भी गंभीरता से ले रहा है। एसएसपी अभिनंदन का स्वयं सड़क पर उतरकर निरीक्षण करना पुलिस की सक्रियता और जवाबदेही का संदेश भी देता है। कांवड़ यात्रा आस्था का महापर्व है और प्रशासन की कोशिश है कि यह यात्रा बिना किसी हादसे और व्यवधान के संपन्न हो। यही कारण है कि नियमों का पालन कराने के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि हर शिवभक्त सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंच सके।
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