लखनऊ : राजधानी लखनऊ के पारा इलाके में अवैध डेयरियों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई उस वक्त हिंसक हो गई, जब अभियान का विरोध कर रहे लोगों ने पुलिस और निगम की संयुक्त टीम पर पथराव और हमला कर दिया। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने बुद्धेश्वर चौकी प्रभारी दरोगा विनय पटेल को दौड़ाकर पीटा और लोहे की जंजीर से हमला किया। घटना में दरोगा समेत नगर निगम के कई कर्मचारी घायल हुए। पुलिस ने मामले में 24 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, जबकि दो महिलाओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
रविवार को नगर निगम के जोन-6 की टीम पुलिस बल के साथ पारा क्षेत्र में अवैध डेयरियों के खिलाफ अभियान चलाने पहुंची थी। टीम ने जैसे ही पशुओं को हटाने और अवैध डेयरियों पर कार्रवाई शुरू की, वहां मौजूद कुछ लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और टीम पर पथराव किए जाने का आरोप है। नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा के मुताबिक, विरोध कर रहे लोगों ने पुलिस और निगम कर्मचारियों को निशाना बनाया। इस दौरान बुद्धेश्वर चौकी प्रभारी विनय पटेल को कथित तौर पर दौड़ाकर पीटा गया। आरोप है कि उन पर लोहे की चेन से भी हमला किया गया। मारपीट में उनकी वर्दी फट गई और वह कीचड़ में गिरकर घायल हो गए। उनके सिर में छह टांके लगाए गए।
निगम के तीन कर्मचारी भी घायल
हमले में नगर निगम के तीन कर्मचारियों अवधेश कुमार, अभिनव और फुरकान के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। उपद्रव के दौरान नगर निगम के तीन सरकारी वाहनों के शीशे भी तोड़े गए। घटना के बाद पुलिस और नगर निगम की ओर से पारा थाने में अलग-अलग तहरीर दी गई। पारा पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 12 नामजद और 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार अबरार, इमरान, सालून, सुबिल, सराफत, अतीक, आशिफ, वारिस, नसीम, रानू, जीशान और नाफिस समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है।
दो महिलाओं की गिरफ्तारी, बाकी की तलाश जारी
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए खुशबू और आफरीन नाम की दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। दोनों को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। पुलिस की टीमें अब अन्य नामजद और अज्ञात आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं। घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगालनी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो फुटेज के आधार पर हमले में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।
तीन थानों की फोर्स और पीएसी के साथ फिर पहुंची टीम
रविवार की घटना के बाद प्रशासन ने मंगलवार को अभियान को और सख्ती के साथ आगे बढ़ाया। नगर निगम की कैटल कैचर टीम के साथ तीन थानों की पुलिस और एक कंपनी पीएसी को तैनात किया गया। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिसकर्मी हेलमेट और बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर मौके पर पहुंचे। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नगर निगम की टीम ने पारा क्षेत्र के चार मोहल्लों में अभियान चलाया। इस दौरान करीब 200 भैंसों को पकड़कर हटाया गया। कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने साफ संकेत दिया कि अवैध डेयरियों और सरकारी टीम पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
मेयर ने कहा- पूरा इलाका साफ कर देंगे
कार्रवाई के दौरान लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार भी मौके पर पहुंचे। मेयर ने पुलिस और नगर निगम की टीम पर हुए हमले को गंभीर मामला बताते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली पुलिस पर हमला किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि अवैध डेयरियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और इलाके को साफ कराया जाएगा।
मेयर ने यह भी कहा कि दरोगा पर हमला कर उन्हें घायल किया गया था, इसलिए मामले में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई जारी है। प्रशासन का फोकस अवैध डेयरियों को हटाने के साथ-साथ हमले में शामिल सभी आरोपियों तक पहुंचने पर है। इस घटना के बाद पारा इलाके में पुलिस और नगर निगम की मौजूदगी बढ़ा दी गई है।

