यूपी राज्यसभा चुनाव में बढ़ी सरगर्मी, सपा के तीसरे उम्मीदवार को लेकर सस्पेंस; दावेदारों के नाम पर मंथन तेज

यूपी राज्यसभा चुनाव: सपा के तीसरे प्रत्याशी पर सस्पेंस, रामगोपाल और आलोक रंजन के नाम तय

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों पर होने वाले चुनाव का कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारत निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक यूपी की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होगा और इसी दिन मतगणना कर नतीजे घोषित किए जाएंगे। नामांकन प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू हो चुकी है।

राज्यसभा चुनाव के कार्यक्रम के सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी में प्रत्याशियों को लेकर मंथन तेज हो गया है। मौजूदा समीकरणों में यूपी की 10 सीटों में आठ बीजेपी, एक सपा और एक बसपा के पास है। इनमें नौ सीटों का कार्यकाल 25 नवंबर को पूरा हो रहा है, जबकि बीजेपी सांसद रहे दिनेश शर्मा के इस्तीफे के बाद एक सीट पहले से रिक्त है।

सपा तीन उम्मीदवार उतारने की तैयारी में

समाजवादी पार्टी की ओर से तीन प्रत्याशी उतारने की तैयारी की खबरें सामने आई हैं। पार्टी के संभावित उम्मीदवारों को लेकर अलग-अलग नाम चर्चा में हैं। इनमें वर्तमान राज्यसभा सदस्य प्रोफेसर रामगोपाल यादव और पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन के नाम प्रमुखता से सामने आए हैं। तीसरे उम्मीदवार के नाम को लेकर पार्टी के भीतर मंथन जारी है।

हालांकि, मीडिया रिपोर्टों में तीसरे उम्मीदवार के लिए सलीम शेरवानी, चौधरी रुद्रसेन और अरविंद सिंह गोप जैसे नाम भी चर्चा में बताए जा रहे हैं। ऐसे में अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पार्टी अंतिम रूप से किसे प्रत्याशी बनाती है।

सलीम शेरवानी ने सार्वजनिक रूप से राज्यसभा जाने की इच्छा भी जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि उनकी इच्छा है कि पार्टी उन्हें राज्यसभा उम्मीदवार बनाए। शेरवानी के मुताबिक उन्होंने इस संबंध में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से अपनी इच्छा भी जताई है। हालांकि, पार्टी की ओर से उनके नाम पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

तीसरे उम्मीदवार के लिए समर्थन जुटाने की चुनौती

सपा के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल तीसरे प्रत्याशी को लेकर है। पार्टी यदि तीन उम्मीदवार मैदान में उतारती है तो अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी। यही वजह है कि चुनाव से पहले विधायकों के समर्थन और संभावित क्रॉस वोटिंग को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं।

सपा विधायक आरके वर्मा की ओर से बीजेपी के कुछ विधायकों के समर्थन का दावा भी किया गया है। उन्होंने कहा है कि बीजेपी के 8 से 12 विधायक सपा उम्मीदवार के पक्ष में मतदान कर सकते हैं। हालांकि, यह फिलहाल एक राजनीतिक दावा है और बीजेपी के किसी विधायक की ओर से सार्वजनिक रूप से इसकी पुष्टि सामने नहीं आई है।

बीजेपी में भी प्रत्याशियों पर मंथन

दूसरी ओर बीजेपी खेमे में भी राज्यसभा के लिए उम्मीदवारों के चयन को लेकर चर्चा चल रही है। मौजूदा विधानसभा संख्या और राज्यसभा चुनाव की गणित को देखते हुए पार्टी की रणनीति पर नजर है। चुनाव में बीजेपी की ओर से कितने प्रत्याशी मैदान में उतारे जाएंगे और किन नेताओं को मौका मिलेगा, इसका अंतिम ऐलान अभी बाकी है।

राज्यसभा चुनाव में विधायक वोट करते हैं और सीटों का गणित प्रत्याशियों की संख्या तथा उपलब्ध मतों के आधार पर तय होता है। ऐसे में किसी भी अतिरिक्त उम्मीदवार के मैदान में आने से चुनावी गणित बदल सकता है।

अखिलेश यादव की बैठकों पर नजर

राज्यसभा चुनाव को लेकर सपा कार्यालय में पार्टी नेताओं और विधायकों की बैठकें जारी हैं। अखिलेश यादव उम्मीदवारों के नाम और चुनावी रणनीति पर पार्टी नेताओं से चर्चा कर रहे हैं। तीसरे उम्मीदवार के चयन के साथ ही पार्टी के सामने उसे पर्याप्त समर्थन दिलाने की चुनौती भी रहेगी।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि सपा तीन प्रत्याशी मैदान में उतारती है या अंतिम समय में रणनीति में बदलाव करती है। वहीं, संभावित क्रॉस वोटिंग के दावों के बीच बीजेपी और सपा दोनों अपने-अपने विधायकों को लेकर रणनीति बना रहे हैं। नामांकन की अंतिम तारीख के बाद तस्वीर काफी हद तक साफ होगी और 16 अक्टूबर को मतदान व मतगणना के साथ परिणाम सामने आएगा।

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