मऊ : नगर पालिका परिषद मऊ के दोमानपुरा-इस्लामाबाद मोहल्ले में शादी समारोह के दौरान हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत का मामला अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। गुरुवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय मृतकों के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने घटना को लेकर बिजली विभाग और प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और पीड़ित परिवारों के लिए 50-50 लाख रुपये मुआवजा तथा एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। अजय राय ने कहा कि तीन लोगों की मौत से परिवारों पर आर्थिक और भावनात्मक संकट टूट पड़ा है। ऐसे में सरकार को तत्काल पीड़ित परिवारों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल सहायता का आश्वासन देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि इस घटना की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।
‘यह सिर्फ हादसा नहीं, जिम्मेदारी तय हो’
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने घटना को सामान्य दुर्घटना मानने पर सवाल उठाते हुए इसे गंभीर लापरवाही का मामला बताया। उन्होंने कहा कि आबादी वाले क्षेत्र में घर के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही थी और यदि वहां पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं थे तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की बनती है।
अजय राय ने कहा कि किसी व्यक्ति का बिजली के तार के संपर्क में आना अपने आप में कोई घटना नहीं हो सकती। लोगों की सुरक्षा के लिए बिजली के तारों की ऊंचाई, उनकी स्थिति और आबादी वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना विभाग की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में बिजली विभाग की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग
अजय राय ने बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि तीन परिवारों ने अपने परिजनों को खोया है। ऐसे मामले में सिर्फ मुआवजा देकर जिम्मेदारी समाप्त नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि घटना की निष्पक्ष जांच कर यह पता लगाया जाना चाहिए कि हाईटेंशन लाइन आबादी वाले क्षेत्र में किस स्थिति में थी, सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं और पहले कभी इस संबंध में शिकायत की गई थी या नहीं।
50-50 लाख मुआवजा और सरकारी नौकरी
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मृतकों के आश्रित परिवारों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग रखी। अजय राय ने कहा कि जिन परिवारों ने अपने कमाने वाले या महत्वपूर्ण सदस्य को खोया है, उनके सामने भविष्य की आर्थिक चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। सरकार को इन परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ उनके पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए।
ऊर्जा मंत्री पर भी साधा निशाना
अजय राय ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मऊ ऊर्जा मंत्री का गृह जनपद है और यदि यहां बिजली व्यवस्था से जुड़ी ऐसी गंभीर घटना होती है तो सरकार और विभाग की जवाबदेही पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह देखना चाहिए कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में हाईटेंशन लाइनों की स्थिति क्या है और कितने स्थानों पर बिजली के तार आबादी के ऊपर से गुजर रहे हैं।
ऊर्जा मंत्री की ओर से घटना के संबंध में दिए गए उस बयान पर भी अजय राय ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें विभाग की ओर से हर स्थिति में सीधे तौर पर कुछ कर पाना संभव नहीं होने और सरकार की ओर से जो संभव होगा, मदद किए जाने की बात कही गई थी। अजय राय ने कहा कि इस तरह घटना को केवल संयोग बताकर जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता। उनका कहना था कि लोग जानबूझकर बिजली के तारों के संपर्क में नहीं जाते। ऐसे में आबादी के ऊपर गुजर रही हाईटेंशन लाइन और सुरक्षा इंतजामों की जांच जरूरी है।
स्मार्ट मीटर और ट्रांसफॉर्मर को लेकर भी आरोप
अजय राय ने मऊ में बिजली व्यवस्था से जुड़े दूसरे मुद्दे भी उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगाने, ट्रांसफॉर्मर बदलने और बिजली के तारों को बदलने के नाम पर गरीब बुनकरों से कथित तौर पर पैसे लिए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों ने ट्रांसफॉर्मर बदलने के नाम पर 50 हजार रुपये तक लिए जाने की शिकायत की है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार से पूरे मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
बरसात में करंट के खतरे पर चिंता
अजय राय ने बरसात के दौरान जलभराव वाले इलाकों में बिजली के करंट से होने वाले हादसों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर जलभराव होता है, वहां ट्रांसफॉर्मर और बिजली के उपकरणों की ऊंचाई पर्याप्त होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि आबादी वाले क्षेत्रों में खुले बिजली तारों को चरणबद्ध तरीके से केबल में बदला जाए। बिजली के खंभों और तारों की ऊंचाई बढ़ाई जाए और जहां जरूरत हो वहां नई सुरक्षा व्यवस्था विकसित की जाए।
‘मऊ की जनता से माफी मांगें ऊर्जा मंत्री’
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि तीन लोगों की मौत की घटना को महज एक हादसा मानकर छोड़ना उचित नहीं होगा। उन्होंने ऊर्जा मंत्री से मऊ की जनता से माफी मांगने और बिजली व्यवस्था की समीक्षा कर तत्काल सुधार कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि बिजली जैसी बुनियादी सुविधा में सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। आबादी वाले क्षेत्रों में हाईटेंशन लाइनों की स्थिति की जांच, जर्जर तारों को बदलना और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है।
मऊ में शादी समारोह के दौरान हुई इस घटना के बाद बिजली सुरक्षा और विभागीय जवाबदेही को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब प्रशासनिक जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि हादसे की वास्तविक वजह क्या थी और इसमें किसी स्तर पर लापरवाही हुई थी या नहीं। कांग्रेस ने इस घटना को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ाते हुए पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग तेज कर दी है।

