एसएसपी अनुराग आर्य ने जानकारी देते हुए बताया कि हिंसा से जुड़े सभी महत्वपूर्ण मामलों में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। साथ ही पुलिस मॉनिटरिंग सेल को निर्देश दिए गए हैं कि कोर्ट में हर तारीख और हर कार्रवाई पर नजर रखी जाए। पुलिस की कोशिश है कि समय पर मजबूत सबूत पेश किए जाएं और अभियोजन पक्ष पूरी मजबूती के साथ अदालत में अपना पक्ष रखे। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए किसी भी आरोपी को राहत नहीं मिलने दी जाएगी।
दरअसल, 26 सितंबर 2025 को बरेली में विरोध प्रदर्शन के दौरान हालात अचानक बिगड़ गए थे। आरोप है कि बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और देखते ही देखते कई इलाकों में हिंसा फैल गई। प्रदर्शन के दौरान दंगाइयों ने जमकर तोड़फोड़ की, सरकारी और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया और पुलिस टीमों पर हमला किया। इतना ही नहीं, फायरिंग की घटनाएं भी सामने आईं, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
हिंसा के दौरान शहर के श्यामगंज समेत कई संवेदनशील इलाकों में तनाव की स्थिति बन गई थी। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि दंगों के दौरान बाहरी इलाकों से हथियार लाए गए थे। इसके बाद पुलिस ने कई जगहों पर छापेमारी कर आरोपियों की गिरफ्तारी शुरू की।
पुलिस जांच में कुल 94 आरोपियों की पहचान की गई, जिन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रजा फिलहाल फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में बंद हैं। अब पुलिस का फोकस कोर्ट में मजबूत पैरवी कर आरोपियों को सजा दिलाने पर है। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

