पंचकूला : पंचकूला में आयोजित विश्व मधुमक्खी दिवस कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने प्रदेश के किसानों को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने भावांतर भरपाई योजना के तहत 30 किसानों को कुल 1.02 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि जारी की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने किसानों से खेती के साथ-साथ मधुमक्खी पालन को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यह व्यवसाय किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि मधुमक्खी पालन न केवल अतिरिक्त आय का स्रोत है, बल्कि इससे फसलों के उत्पादन में भी वृद्धि होती है। मधुमक्खियां परागण की प्रक्रिया को बढ़ावा देती हैं, जिससे कृषि उत्पादकता में सुधार होता है और किसानों को बेहतर लाभ मिलता है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि कुरुक्षेत्र के रामनगर में इजरायल तकनीक पर आधारित एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्र एवं शहद व्यापार केंद्र स्थापित किया गया है। इस केंद्र के माध्यम से किसानों और मधुमक्खी पालकों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और विपणन की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश में आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देना और किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित करने के लिए 85 प्रतिशत तक सब्सिडी दे रही है। इसके अलावा मधुमक्खी पालन को मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना और भावांतर भरपाई योजना में भी शामिल किया गया है, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार के नुकसान की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से भी मधुमक्खी पालन को रोजगार के रूप में अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज के समय में शहद और उससे जुड़े उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है, ऐसे में मधुमक्खी पालन स्वरोजगार का बेहतर विकल्प बन सकता है। कार्यक्रम में मौजूद किसानों ने सरकार की योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि मधुमक्खी पालन से उनकी आय में बढ़ोतरी हुई है और उन्हें रोजगार के नए अवसर मिले हैं। विश्व मधुमक्खी दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम किसानों के लिए उत्साह और प्रेरणा का केंद्र बना रहा। #Haryana #DIPRHaryana

