सहारनपुर में कांवड़ यात्रा को लेकर हाई अलर्ट, 8 जोन, 52 सेक्टर और 100 सब-सेक्टर में बंटा जिला; 1750 CCTV कैमरों से निगरानी, आज रात रूट होगा डायवर्ट 

Kawad Yatra 2026

सहारनपुर : सावन मास की शुरुआत के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा ने रफ्तार पकड़ ली है। हरिद्वार की हर की पौड़ी से गंगाजल भरकर शिवभक्त अपने-अपने गंतव्यों की ओर रवाना हो रहे हैं। हरिद्वार से निकलने वाले कांवड़ियों की बड़ी संख्या सहारनपुर जिले से होकर गुजरती है। यही वजह है कि कांवड़ यात्रा को लेकर सहारनपुर पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात, बिजली, सफाई और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं। प्रशासन ने कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए पूरे जिले को 8 जोन, 52 सेक्टर और 100 सब-सेक्टर में बांट दिया है। संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। यात्रा मार्ग पर पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

एसएसपी अभिनंदन ने बताया कि इस बार भारी वाहनों को दिल्ली- देहरादून एक्सप्रेसवे पर डायवर्ट किया गया है। जबकि कावड़ यात्रियों को एक्सप्रेसवे पर जाने की अनुमति नहीं दी जायेगी। चूँकि एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ़्तार तेज रहती है जो पैदल यात्रियों के लिए सही नहीं होगी। कांवड़ियों की भारी भीड़ और संभावित जाम को देखते हुए प्रशासन ने रूट डायवर्जन की व्यवस्था लागू की है। कांवड़ यात्रा के दौरान भारी और मध्यम वाहनों को शहर के अंदर प्रवेश से रोकने की व्यवस्था की गई है। अलग-अलग श्रेणी के वाहनों के लिए वैकल्पिक रास्ते तय किए गए हैं, ताकि कांवड़ियों की आवाजाही और सामान्य यातायात के बीच टकराव न हो। भारी और मध्यम वाहनों को बाईपास के रास्ते चुनहेटी कट, हसनपुर चौक, दीवानी तिराहा, विश्वकर्मा चौक और आंबेडकर चौक की ओर भेजने की व्यवस्था की गई है। ट्रांसपोर्ट नगर की ओर जाने वाले वाहनों को लिंक रोड, भारत माता चौक और माहीपुरा चौक के रास्ते भेजा जाएगा।

प्रशासन ने खाद्य सामग्री और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहनों के लिए भी अलग व्यवस्था की है। वहीं, हल्के वाहनों को आवश्यकता के अनुसार ही कांवड़ मार्ग पर आने-जाने की अनुमति दी जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि शिवभक्तों को यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो और आम लोगों की आवाजाही भी पूरी तरह बाधित न हो। दिल्ली और गाजियाबाद की ओर जाने वाले वाहनों के लिए अंबाला रोड बाईपास, सरसावा, शाहजहांपुर, यमुनानगर, करनाल और पानीपत का वैकल्पिक मार्ग तय किया गया है। मुजफ्फरनगर की ओर जाने वाले वाहन सहारनपुर बाईपास, कोलकी कट, नागल और रोहाना कलां के रास्ते जा सकेंगे। हरिद्वार जाने वाले वाहनों के लिए भी अलग-अलग चरणों में रूट निर्धारित किया गया है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले रूट डायवर्जन की जानकारी जरूर प्राप्त करें और निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का ही इस्तेमाल करें।

1750 CCTV कैमरों से निगरानी, ड्रोन से भी नजर

एसएसपी अभिनंदन ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरे यात्रा मार्ग पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई गई है। प्रशासन के मुताबिक, कांवड़ मार्ग पर करीब 1750 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनमें 250 नए कैमरे भी शामिल हैं। इन कैमरों के माध्यम से यात्रा मार्ग, प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर लगातार नजर रखी जाएगी। इसके अलावा ड्रोन कैमरों के जरिए भी कांवड़ियों की भीड़ और यातायात व्यवस्था की निगरानी की जाएगी। पुलिस-प्रशासन का फोकस भीड़ प्रबंधन पर भी है। किसी स्थान पर अचानक भीड़ बढ़ने या यातायात का दबाव बढ़ने की स्थिति में तत्काल व्यवस्था बदलने की तैयारी की गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करते रहें और किसी भी समस्या का तत्काल समाधान कराएं।

कांवड़ियों के लिए QR कोड से मिलेगी पूरी जानकारी

जिलाधिकारी अरविन्द चौहान ने बताया कि सहारनपुर प्रशासन ने कांवड़ियों की सुविधा के लिए डिजिटल व्यवस्था भी तैयार की है। इसके तहत प्रमुख चौराहों और हाईवे प्वाइंट्स पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं। शिवभक्त अपने मोबाइल फोन से क्यूआर कोड स्कैन कर आसपास उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। क्यूआर कोड के माध्यम से कांवड़ियों को नजदीकी शौचालय, चिकित्सा शिविर, पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट, ढाबे, पुलिस चौकी, पुलिस स्टेशन, हेल्पलाइन नंबर, कांवड़ शिविर और रूट डायवर्जन की जानकारी गूगल मैप पर मिल सकेगी। जिलाधिकारी के मुताबिक़ इस डिजिटल सुविधा का उद्देश्य कांवड़ियों को रास्ते में किसी प्रकार की परेशानी से बचाना है। यदि किसी शिवभक्त को चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है या वह नजदीकी पुलिस चौकी अथवा शौचालय की जानकारी चाहता है, तो वह मोबाइल के माध्यम से आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकेगा।

9 किलोमीटर कांवड़ मार्ग पर सफाई और रोशनी की व्यवस्था

कांवड़ यात्रा को देखते हुए नगर निगम ने करीब 9 किलोमीटर लंबे कांवड़ मार्ग पर विशेष व्यवस्थाएं की हैं। मार्ग पर सफाई, पेयजल, शौचालय और प्रकाश की व्यवस्था की गई है। यातायात को सुचारू रखने के लिए 60 लेन और 52 कट बंद किए गए हैं। कांवड़ मार्ग पर 1723 स्थानों पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की गई है, ताकि रात के समय भी शिवभक्तों को परेशानी न हो। स्नान की सुविधा के लिए 38 बोरिंग और नलयुक्त शावर लगाए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। कांवड़ मार्ग से जुड़े 44 गांवों में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पंचायत राज विभाग की ओर से अभियान शुरू किया गया है। दो पालियों में करीब 600 सफाई कर्मचारियों को तैनात किया गया है। पंचायत सचिवों को सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें सफाई से पहले और बाद की जियो-टैग तस्वीरें लेने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा मार्ग पर झाड़ियों की कटाई और जलभराव वाले स्थानों की सफाई भी कराई जा रही है।

42 कांवड़ शिविरों में मिलेंगी सुविधाएं

कांवड़ियों की सुविधा के लिए यात्रा मार्ग पर करीब 42 कांवड़ शिविर लगाए जाने की व्यवस्था की गई है। इन शिविरों में शिवभक्तों के ठहरने और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी। स्नान के लिए जलकल विभाग की ओर से नल और शावर लगाए जा रहे हैं। प्रशासन ने व्यापारियों और सेवा शिविर संचालकों को भी निर्देश दिए हैं कि वे सड़क किनारे अतिक्रमण न करें और अपनी व्यवस्थाएं निर्धारित स्थानों पर ही लगाएं। इसका उद्देश्य कांवड़ मार्ग पर यातायात और पैदल चलने वाले शिवभक्तों के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराना है।

बिजली व्यवस्था को लेकर भी विशेष सतर्कता

कांवड़ यात्रा के दौरान बिजली से जुड़े हादसों को रोकने के लिए बिजली विभाग ने भी विशेष तैयारी की है। यात्रा मार्ग पर बिजली के खंभों को प्लास्टिक शीट से ढका गया है। ट्रांसफार्मरों के आसपास सुरक्षा के लिए बाड़ लगाई गई है। एचटी और एलटी बिजली लाइनों की मरम्मत का काम पूरा कराया गया है। पेड़ों की उन टहनियों को भी हटाया गया है, जिनसे बिजली लाइनों को खतरा हो सकता था। अधिकारियों का कहना है कि बिजली विभाग की टीमें यात्रा के दौरान भी लगातार निगरानी रखेंगी।

डीजे संचालकों पर प्रशासन की सख्ती

कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे को लेकर भी पुलिस-प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सहारनपुर के साथ-साथ हरियाणा के यमुनानगर और करनाल क्षेत्र के एक हजार से अधिक डीजे संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। डीजे संचालकों और संबंधित संगठनों को शासन की गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। एसएसपी अभिनंदन सिंह के मुताबिक, कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे की ऊंचाई 12 फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा ऐसे गीत नहीं बजाए जा सकेंगे, जिनसे किसी धर्म, जाति या समुदाय विशेष की भावनाएं आहत हों या सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका हो। पुलिस और प्रशासन की टीमें डीजे की आवाज और अन्य नियमों की लगातार निगरानी करेंगी। यदि कोई संचालक निर्धारित मानकों का उल्लंघन करता पाया गया तो मौके पर डीजे जब्त किया जा सकता है और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आवश्यक सेवाओं को रहेगी छूट

रूट डायवर्जन के दौरान आम वाहनों के लिए कई प्रतिबंध लगाए गए हैं, लेकिन आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को छूट दी गई है। एंबुलेंस, दूध, गैस सिलिंडर, पेट्रोलियम टैंकर, ऑक्सीजन सिलिंडर, नगर निगम, बिजली और टेलीफोन विभाग के वाहनों को आवश्यकतानुसार आवागमन की अनुमति रहेगी।प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही आम जनता को भी कम से कम परेशानी हो, इसके लिए यातायात व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से संचालित किया जा रहा है। सहारनपुर की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए कांवड़ यात्रा के दौरान यहां पुलिस और प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती रहती है। हरिद्वार से लौटने वाले लाखों शिवभक्त जिले से होकर गुजरते हैं। ऐसे में प्रशासन ने सुरक्षा से लेकर सफाई, बिजली, यातायात और स्वास्थ्य सेवाओं तक व्यापक इंतजाम किए हैं।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करेंगे। सीसीटीवी और ड्रोन निगरानी के साथ-साथ पुलिस बल की तैनाती और रूट डायवर्जन व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाएगी। प्रशासन ने शिवभक्तों से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों और नियमों का पालन करें, वहीं आम वाहन चालक भी रूट डायवर्जन के दौरान प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया NPR BHARAT NEWS के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...

Related posts