मेरठ : उत्तर प्रदेश के मेरठ में साइबर ठगों ने घर बैठे ऑनलाइन कमाई का लालच देकर एक महिला से 31.53 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने पहले छोटे-छोटे टास्क देकर महिला का भरोसा जीता, फिर मोटे मुनाफे का सपना दिखाकर लाखों रुपये अलग-अलग बैंक खातों और UPI के जरिए ट्रांसफर करा लिए। जब महिला ने अपनी रकम वापस मांगनी चाही तो सभी नंबर बंद हो गए और उसे एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुकी है। मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, मामला मेरठ के देहली गेट थाना क्षेत्र के कागजी बाजार निवासी प्रीति अग्रवाल का है। प्रीति ने बताया कि 4 जून को उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक निजी कंपनी का विज्ञापन देखा, जिसमें घर बैठे ऑनलाइन काम करके अच्छी कमाई करने का दावा किया गया था। विज्ञापन से प्रभावित होकर उन्होंने दिए गए लिंक के माध्यम से संबंधित लोगों से संपर्क किया।
इसके बाद ठगों ने पहले WhatsApp पर बातचीत शुरू की और फिर उन्हें Telegram पर बने एक ग्रुप में जोड़ दिया। वहां उन्हें होटल और अन्य प्रतिष्ठानों को Google पर रिव्यू देने का काम सौंपा गया। शुरुआत में हर टास्क पूरा करने पर उनके खाते में कुछ रुपये भेजे गए। लगातार भुगतान मिलने से प्रीति को लगा कि यह काम पूरी तरह असली है और इससे अच्छी कमाई की जा सकती है।
कुछ दिनों बाद साइबर ठगों ने उन्हें ज्यादा मुनाफे का लालच दिया। उन्होंने कहा कि यदि वह बड़ी रकम निवेश करेंगी तो उन्हें कई गुना रिटर्न मिलेगा। भरोसे में आकर प्रीति ने पहले अपने बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर किए। इसके बाद उन्होंने अपने रिश्तेदारों से भी उधार लेकर अलग-अलग बैंक खातों और UPI आईडी पर लाखों रुपये भेज दिए।
पीड़िता के अनुसार, जब कुल 31.53 लाख रुपये ट्रांसफर हो गए तो दूसरी ओर से कोई जवाब आना बंद हो गया। WhatsApp और Telegram पर संपर्क नहीं हो सका और सभी मोबाइल नंबर भी बंद मिले। तब उन्हें एहसास हुआ कि उनके साथ बड़ी साइबर ठगी हो चुकी है। इसके बाद उन्होंने साइबर क्राइम थाने पहुंचकर पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई।
एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। साइबर एक्सपर्ट्स की टीम बैंक खातों, UPI ट्रांजैक्शन और Telegram आईडी की जांच कर रही है। जिन खातों में पैसे ट्रांसफर हुए हैं, उनकी पूरी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके।
साइबर मामलों के विशेषज्ञ आर्य त्यागी का कहना है कि सोशल मीडिया पर नौकरी, पार्ट टाइम वर्क या घर बैठे कमाई के नाम पर चल रहे ऐसे फर्जी ऑफर लगातार लोगों को निशाना बना रहे हैं। शुरुआत में थोड़ी रकम देकर विश्वास जीतना और बाद में बड़ी रकम निवेश करवाना साइबर ठगों का आम तरीका बन चुका है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान लिंक, निवेश योजना या अधिक मुनाफे के वादे पर बिना जांच-पड़ताल भरोसा न करें।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। अधिकारियों के अनुसार, घटना के दो घंटे के भीतर शिकायत करने पर ट्रांजैक्शन को रोकने या रकम होल्ड कराने की संभावना काफी बढ़ जाती है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की तकनीकी जांच कर रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर साइबर ठगों की पहचान कर जल्द ही उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

