हरियाणा में MSME और निर्यात को मिलेगा नया बूस्ट, सीएम नायब सिंह सैनी ने लॉन्च की नई पॉलिसी

हरियाणा में MSME और निर्यात को मिलेगा नया बूस्ट, सीएम नायब सिंह सैनी ने लॉन्च की नई पॉलिसी

करनाल : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने करनाल में ‘हरियाणा प्रोग्रेसिव एमएसएमई एवं एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी-2026’ का शुभारंभ किया। नई नीति के माध्यम से प्रदेश में एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने, निर्यात को बढ़ावा देने, निवेश आकर्षित करने और बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने पर फोकस किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य की समृद्धि केवल उसकी सड़कों, इमारतों या कारखानों से नहीं, बल्कि वहां के लाखों उद्यमियों की सफलता से मापी जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने एमएसएमई और निर्यात क्षेत्र के लिए 60 परिवर्तनकारी पहलें शुरू की हैं।

मुख्यमंत्री के अनुसार नई नीति के तहत प्रदेश में ₹55,000 करोड़ से अधिक निवेश आकर्षित करने और 5 लाख से अधिक नए रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का प्रयास है कि छोटे और मध्यम उद्यमों को पूंजी, भूमि, बाजार और तकनीक सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें प्रतिस्पर्धी बनाया जाए। नई नीति के तहत स्टेट वेंचर कैपिटल फंड, सेक्टर आधारित क्रेडिट गारंटी फंड, लैंड ऑन लीज पॉलिसी, मुख्यमंत्री प्रथम निर्यातक प्रोत्साहन योजना, हरियाणा निर्यात सेंटर और ग्रीन इन्वेस्टमेंट फंड स्थापित किए जाएंगे। इन पहलों से नए उद्यमियों और मौजूदा एमएसएमई को कारोबार विस्तार तथा निवेश के लिए बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।

निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एक्सपोर्ट फ्रेट सब्सिडी में भी बड़ा बदलाव किया है। इसे ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹30 लाख प्रति यूनिट प्रति वर्ष कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश के उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपने उत्पादों को प्रतिस्पर्धी कीमत पर पहुंचाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक 15 लाख से अधिक एमएसएमई का औपचारिक पंजीकरण हो चुका है। वहीं, पदमा योजना के तहत करीब 700 एकड़ भूमि पर 15 औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इन औद्योगिक पार्कों को स्थानीय स्तर पर उद्योगों को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए Make in Haryana Industrial Policy-2026 सहित 9 क्षेत्र-विशिष्ट औद्योगिक नीतियां लागू की गई हैं। इन नीतियों के माध्यम से सरकार ने वर्ष 2030-31 तक ₹5 लाख करोड़ के नए निवेश का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि हरियाणा में 5 से 7 अप्रैल 2027 तक Happening Haryana Global Investors Summit-2027 का आयोजन किया जाएगा। इस ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से देश-विदेश के निवेशकों को हरियाणा में निवेश की संभावनाओं से अवगत कराया जाएगा और विभिन्न क्षेत्रों में नए निवेश को आकर्षित करने का प्रयास किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य हरियाणा को ऐसा औद्योगिक और कारोबारी केंद्र बनाना है, जहां उद्यमियों को कारोबार शुरू करने और उसका विस्तार करने के लिए अनुकूल वातावरण मिले। नई एमएसएमई एवं एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी के जरिए सरकार ने छोटे उद्योगों को आर्थिक मजबूती देने के साथ ही राज्य के निर्यात को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में रोडमैप तैयार किया है। नई नीति में निवेश, रोजगार, निर्यात, हरित निवेश, वित्तीय सहायता और औद्योगिक ढांचे पर एक साथ फोकस किया गया है। सरकार को उम्मीद है कि इन पहलों के परिणामस्वरूप प्रदेश में नए उद्योग स्थापित होंगे, मौजूदा इकाइयों का विस्तार होगा और हरियाणा के उत्पादों की वैश्विक बाजार में पहुंच बढ़ेगी।

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