मुजफ्फरनगर : मुजफ्फरनगर में आयोजित अखिल भारतीय मिरासी पसमांदा समाज सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक और राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. इंद्रेश कुमार ने लव जिहाद, मॉब लिंचिंग और पसमांदा समाज के मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। सम्मेलन का आयोजन हिंदुस्तानी पसमांदा मंच की ओर से किया गया, जिसमें देशभर से पसमांदा समाज के लोगों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. इंद्रेश कुमार ने कहा कि देश को “मोहब्बत” की जरूरत है, “वासना के व्यापार” की नहीं। उन्होंने कहा कि प्यार के नाम पर धोखा, हिंसा और हत्याएं समाज के लिए चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि “जो प्यार में धोखेबाज हो, वह सच्चा प्यार नहीं दे सकता। आजकल प्यार के नाम पर वासना का प्रदर्शन हो रहा है, जिसके कारण कत्ल जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं।”
उन्होंने समाज और खासकर अभिभावकों से बेटियों को जागरूक करने की अपील करते हुए कहा कि रिश्तों में पारदर्शिता और सम्मान जरूरी है।
सम्मेलन में पसमांदा समाज की शिक्षा, रोजगार और सामाजिक प्रतिनिधित्व को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। डॉ. इंद्रेश कुमार ने कहा कि पसमांदा समाज मुस्लिम समाज का वह वर्ग है, जिसे लंबे समय से सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समाज के पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ना ही सम्मेलन का उद्देश्य है।
सम्मेलन में पसमांदा समाज की शिक्षा, रोजगार और सामाजिक प्रतिनिधित्व को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। डॉ. इंद्रेश कुमार ने कहा कि पसमांदा समाज मुस्लिम समाज का वह वर्ग है, जिसे लंबे समय से सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समाज के पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ना ही सम्मेलन का उद्देश्य है।
इस दौरान मिरासी समाज को अनुसूचित जाति वर्ग में शामिल किए जाने की मांग भी प्रमुखता से उठी। हिंदुस्तानी पसमांदा मंच के राष्ट्रीय संयोजक शमशाद मीर ने अखिल भारतीय मिरासी समाज संयुक्त मोर्चा की ओर से मांग पत्र सौंपा। इसमें सामाजिक न्याय, आरक्षण और प्रतिनिधित्व से जुड़ी कई मांगें शामिल थीं। मॉब लिंचिंग और काऊ लिंचिंग के मुद्दे पर बोलते हुए डॉ. इंद्रेश कुमार ने कहा कि गाय से जुड़ी हिंसा और उसके बाद होने वाली प्रतिक्रियाएं समाज में तनाव पैदा करती हैं।
उन्होंने कहा कि यदि गोहत्या और गोमांस का मुद्दा समाप्त हो जाए तो “गाय लिंचिंग और मैन लिंचिंग” दोनों से देश को मुक्ति मिल सकती है।
प्रधानमंत्री की हालिया अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि देश का प्रधानमंत्री जाति, मजहब और राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रहित की बात करता है और देशवासियों को उनकी अपील को गंभीरता से लेना चाहिए। सम्मेलन को सफल बनाने में इदरीस खान, रिजवान अंसारी समेत कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
प्रधानमंत्री की हालिया अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि देश का प्रधानमंत्री जाति, मजहब और राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रहित की बात करता है और देशवासियों को उनकी अपील को गंभीरता से लेना चाहिए। सम्मेलन को सफल बनाने में इदरीस खान, रिजवान अंसारी समेत कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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