
पुलिस के मुताबिक, बुधवार दोपहर मुखबिर से सूचना मिली कि फुरकान झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव रंगाना के जंगल में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस की विशेष टीम ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया। जब पुलिस फुरकान के करीब पहुंची तो उसने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।मुठभेड़ के दौरान फुरकान गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल से हथियार और अन्य सामान भी बरामद किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है। बरामदगी और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।
कई जिलों में फैला था आपराधिक नेटवर्क
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फुरकान केवल शामली ही नहीं बल्कि आसपास के कई जिलों में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा था। वह मुकीम काला गैंग से जुड़ा हुआ था, जिसके सदस्य शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं।फुरकान पर हत्या, रंगदारी, लूट, डकैती और गैंगस्टर एक्ट सहित 20 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी और उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। कई बार दबिश देने के बावजूद वह लगातार पुलिस से बच निकलने में सफल रहा था।
कैराना पलायन मामले से भी जुड़ा था नाम
फुरकान का नाम वर्ष 2014 में व्यापारी नेता विनोद सिंघल की हत्या के मामले में सामने आया था। उस घटना के बाद कैराना से व्यापारियों और कुछ परिवारों के कथित पलायन का मुद्दा व्यापक राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बना था। पुलिस के अनुसार, इसी प्रकरण में भी फुरकान आरोपी था। इसके बाद से वह क्षेत्र में भय का पर्याय माना जाने लगा था।
पुलिस ने बताया बड़ी सफलता
पुलिस अधिकारियों ने इस कार्रवाई को कानून-व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण सफलता बताया है। अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से वांछित और इनामी अपराधी के मारे जाने से क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश जाएगा। साथ ही संगठित अपराध पर अंकुश लगाने की दिशा में यह कार्रवाई अहम मानी जा रही है।पुलिस ने यह भी कहा कि प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और जो भी कानून व्यवस्था को चुनौती देगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

