सहारनपुर : देवबंद क्षेत्र में शुक्रवार रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने शादी वाले घर की खुशियों को मातम में बदल दिया। गागलहेड़ी-मुजफ्फरनगर स्टेट हाईवे पर रोहना टोल प्लाजा के पास नीलगाय से बाइक टकराने से ठेकेदार इखलाक उर्फ काका (44) की मौत हो गई। हादसे में उनके साथ बाइक पर सवार मोबीन गंभीर रूप से घायल हो गए। इखलाक अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए गांव लौट रहे थे। शनिवार को घर में बरात आनी थी, लेकिन उससे पहले ही हादसे की खबर ने परिवार को सदमे में डाल दिया।
अचानक सामने आई नीलगाय, टक्कर के बाद हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार फतेहपुर थाना क्षेत्र के गांव दतौली मुगल निवासी इखलाक उर्फ काका मुजफ्फरनगर में सड़क निर्माण से जुड़ी ठेकेदारी करते थे। शुक्रवार रात वह बाइक से अपने गांव लौट रहे थे। उनके साथ मोबीन भी बाइक पर सवार थे।
बताया गया कि जैसे ही दोनों रोहना टोल प्लाजा के पास पहुंचे, अचानक सड़क पर नीलगाय आ गई। बाइक की नीलगाय से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर जा गिरे। हादसे में इखलाक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मोबीन गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल मोबीन को उपचार के लिए सहारनपुर के मेडीग्राम अस्पताल में भर्ती कराया गया।
भतीजी की शादी में शामिल होने लौट रहे थे इखलाक
परिजनों के मुताबिक इखलाक अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए गांव लौट रहे थे। शनिवार को उनके घर बरात आनी थी। परिवार में शादी की तैयारियां चल रही थीं और रिश्तेदार भी पहुंच चुके थे। ऐसे में इखलाक की मौत की खबर मिलते ही शादी का माहौल अचानक गम में बदल गया।
जिस घर में कुछ घंटों बाद ढोल-नगाड़े और बरात के स्वागत की तैयारियां होनी थीं, वहां चीख-पुकार मच गई। रिश्तेदार और परिचित हादसे की खबर सुनकर परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचने लगे।
परिवार में पत्नी और दो बेटे
इखलाक के परिवार में पत्नी के अलावा 14 और 16 वर्ष के दो बेटे हैं। परिवार के लिए यह हादसा बड़ा सदमा बनकर सामने आया है। शादी के मौके पर घर के एक सदस्य की अचानक मौत से परिवार के लोग पूरी तरह टूट गए।
गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए-खाक
परिजनों ने कानूनी कार्रवाई से इनकार करते हुए देर रात इखलाक के शव को गांव ले जाने की प्रक्रिया पूरी की। शनिवार सुबह करीब आठ बजे बेहद गमगीन माहौल में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
शादी वाले घर में एक ओर बरात के स्वागत की तैयारियां थीं, वहीं दूसरी ओर परिवार के लोग इखलाक को अंतिम विदाई दे रहे थे। हादसे ने पूरे गांव को भी शोक में डुबो दिया।

