1.25 लाख के इनामी बदमाश ललन सिंह का अंत, सहारनपुर में STF मुठभेड़ में ढेर, पढ़िए ललन सिंह का अपराधिक इतिहास 

1.25 लाख के इनामी बदमाश ललन सिंह का अंत, सहारनपुर में STF मुठभेड़ में ढेर, पढ़िए ललन सिंह का अपराधिक इतिहास 

सहारनपुर : उत्तर प्रदेश एसटीएफ और पुलिस को सोमवार तड़के उस वक्त बड़ी सफलता मिली जब 1.25 लाख रुपये के इनामी कुख्यात अपराधी ललन सिंह उर्फ लल्लन पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। थाना सरसावा इलाके में हुई मुठभेड़ दौरान घायल हुए ललन सिंह को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ललन सिंह बिहार और उत्तर प्रदेश में हत्या, डकैती, लूट और पुलिसकर्मियों की हत्या जैसे जघन्य अपराधों के लिए कुख्यात था।पुलिस के अनुसार ललन सिंह पुत्र शिव शंकर सिंह, बिहार के समस्तीपुर जनपद के मोहिउद्दीनपुर थाना क्षेत्र के आनंदगोलवा गांव का निवासी था। उसकी गिरफ्तारी के लिए वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने एक लाख रुपये तथा चंदौली पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था।

1.25 लाख के इनामी बदमाश ललन सिंह का अंत, सहारनपुर में STF मुठभेड़ में ढेर, पढ़िए ललन सिंह का अपराधिक इतिहास 
जानकारी के अनुसार ललन सिंह का नाम पहली बार वर्ष 2016 में तब चर्चा में आया जब उसने अपने गिरोह के साथ मिलकर बिहार के नालंदा जिले में एक एएसआई को गोली मारकर उनकी सरकारी रिवॉल्वर लूट ली। इसके बाद पटना के बाढ़ और फतुहा क्षेत्रों में भी उसने पुलिस अधिकारियों की हत्या कर सरकारी पिस्टल लूटने की वारदातों को अंजाम दिया। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उसने तीन पुलिस अधिकारियों पर जानलेवा हमले किए जिनमें दो की मौत हो गई थी। वर्ष 2017 में ललन सिंह और उसके गिरोह ने नालंदा के सोहसराय क्षेत्र में कैश वैन पर हमला कर गार्ड और कैशियर की हत्या करते हुए करीब 20 लाख रुपये लूट लिए थे। इसके कुछ दिनों बाद पटना के बेलछी में पंजाब नेशनल बैंक शाखा के सामने दिनदहाड़े तिहरे हत्याकांड को अंजाम देकर करीब 60 लाख रुपये की नकदी लूट ली गई थी। इस वारदात में बैंक के दो सुरक्षा गार्ड और कैश वैन चालक की हत्या कर दी गई थी।

नवंबर 2022 में ललन सिंह का नाम उत्तर प्रदेश में उस समय सुर्खियों में आया जब वाराणसी के रोहनिया क्षेत्र में तैनात उपनिरीक्षक अजय यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। ललन सिंह और उसके भाइयों ने दरोगा का पीछा कर उन्हें रोका और सीने में गोली मार उनकी सरकारी पिस्टल तथा पर्स लूटकर फरार हो गए थे। इस घटना ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी। 2022 में ही अजय यादव हत्याकांड के बाद पुलिस ने वाराणसी के बड़ागांव क्षेत्र में मुठभेड़ की थी। इस दौरान ललन सिंह के दोनों भाई मनीष सिंह और रजनीश सिंह घायल हो गए थे जिनकी बाद में मौत हो गई। हालांकि ललन सिंह मौके से भागने में सफल रहा था और तब से फरार चल रहा था।

ललन सिंह के खिलाफ बिहार और उत्तर प्रदेश में हत्या, डकैती, लूट, पुलिस पर हमला, सरकारी हथियार लूट, आर्म्स एक्ट तथा फरारी से जुड़े कुल 13 से अधिक गंभीर मुकदमे दर्ज थे।

इनमें प्रमुख रूप से—

  • वर्ष 2016 में नालंदा में एएसआई भुवनेश्वर सिंह को गोली मारकर सरकारी रिवॉल्वर लूटना।
  • पटना के बाढ़ में एएसआई सुरेश ठाकुर की हत्या कर सरकारी पिस्टल लूटना।
  • फतुहा में एएसआई आर.आर. चौधरी की हत्या।
  • सोहसराय में कैश वैन लूट के दौरान दोहरी हत्या।
  • बेलछी में बैंक के सामने तिहरा हत्याकांड और 60 लाख रुपये की लूट।
  • पुलिस मुठभेड़ के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग।
  • चंदौली में युवक को गोली मारकर बाइक लूटना।
  • वाराणसी में दरोगा अजय यादव की हत्या और सरकारी पिस्टल लूटना।
  • न्यायालय से फरार रहने और पुलिस कार्रवाई से बचने के कई मामले।

अपराध के एक खूनी अध्याय का अंत
पुलिस अधिकारियों के अनुसार ललन सिंह अपने भाइयों के साथ मिलकर एक संगठित आपराधिक गिरोह संचालित करता था। इस गिरोह ने दो पुलिस उपनिरीक्षकों, बैंक कैशियर, सुरक्षा गार्डों समेत कुल सात लोगों की हत्या की थी। उसके खिलाफ दर्ज मुकदमों और वारदातों की गंभीरता को देखते हुए उसे बिहार और उत्तर प्रदेश के सबसे खतरनाक अपराधियों में गिना जाता था।
सरसावा में हुई मुठभेड़ के साथ ही पुलिस ने एक ऐसे अपराधी का अंत कर दिया, जिसने करीब एक दशक तक हत्या, डकैती और लूट की वारदातों से कानून व्यवस्था को चुनौती दी और पुलिस के लिए बड़ी सिरदर्द बना रहा। अब उसके मारे जाने से दोनों राज्यों की पुलिस ने राहत की सांस ली है।

ललन सिंह उर्फ लल्लन का आपराधिक इतिहास (क्रमवार)
1. मुकदमा संख्या 48/2016
दिनांक: 16 मार्च 2016
थाना: बिंद, जिला नालंदा (बिहार)
धाराएं: 394 आईपीसी
घटना: एएसआई भुवनेश्वर सिंह को गोली मारकर घायल किया और उनकी सरकारी रिवॉल्वर लूट ली।
2. मुकदमा संख्या 139/2016
दिनांक: 18 अप्रैल 2016
थाना: बाढ़, जिला पटना (बिहार)
धाराएं: 394/302/34 आईपीसी व 27 आर्म्स एक्ट
घटना: एएसआई सुरेश ठाकुर की गोली मारकर हत्या कर सरकारी पिस्टल लूट ली।
3. मुकदमा संख्या 362/2016
दिनांक: 24 सितंबर 2016
थाना: फतुहा, जिला पटना (बिहार)
धाराएं: 302/391 आईपीसी व 27 आर्म्स एक्ट
घटना: एएसआई आर.आर. चौधरी की हत्या कर उनकी सरकारी पिस्टल लूट ली।
4. मुकदमा संख्या 32/2017
दिनांक: 27 फरवरी 2017
थाना: सोहसराय, जिला नालंदा (बिहार)
धारा: 396 आईपीसी
घटना: कैश वैन पर हमला कर गार्ड वृजनंदन प्रसाद सिंह और कैशियर रंजीत कुमार की हत्या, करीब 20 लाख रुपये की लूट।
5. मुकदमा संख्या 11/2017
दिनांक: 6 मार्च 2017
थाना: बेलछी, जिला पटना (बिहार)
धाराएं: 394/302/34 आईपीसी व 27 आर्म्स एक्ट
घटना: पीएनबी शाखा के बाहर सुरक्षा गार्ड सुरेश सिंह, योगेश्वर दास और चालक अजित यादव की हत्या कर लगभग 60 लाख रुपये लूट लिए।
6. मुकदमा संख्या 84/2017
दिनांक: 29 मार्च 2017
थाना: बाढ़, जिला पटना (बिहार)
धाराएं: 25(1-बी)ए/26/35/27 आर्म्स एक्ट एवं 307 आईपीसी
घटना: अवैध हथियार रखने और हत्या के प्रयास का मामला।
7. मुकदमा संख्या 594/2022
दिनांक: 8 सितंबर 2022
थाना: बाढ़, जिला पटना (बिहार)
धाराएं: 224/34 आईपीसी
घटना: पुलिस अभिरक्षा से फरार होने का मामला।
8. मुकदमा अपराध संख्या 253/2022
दिनांक: 30 अक्टूबर 2022
थाना: लंका, कमिश्नरेट वाराणसी (उत्तर प्रदेश)
धारा: 379 आईपीसी
घटना: चोरी का मामला।
9. मुकदमा अपराध संख्या 191/2022
दिनांक: 1 नवंबर 2022
थाना: सकलडीहा, जिला चंदौली (उत्तर प्रदेश)
धाराएं: 307/394 आईपीसी
घटना: लालब्रत चौहान को गोली मारकर पल्सर मोटरसाइकिल लूट ली।
10. मुकदमा अपराध संख्या 404/2022
दिनांक: 8 नवंबर 2022
थाना: रोहनिया, कमिश्नरेट वाराणसी (उत्तर प्रदेश)
धाराएं: 307/394 आईपीसी
घटना: उपनिरीक्षक अजय यादव की गोली मारकर हत्या, सरकारी पिस्टल और पर्स की लूट।
11. मुकदमा अपराध संख्या 486/2022
दिनांक: 21 नवंबर 2022
थाना: बड़ागांव, कमिश्नरेट वाराणसी (उत्तर प्रदेश)
धाराएं: 307 आईपीसी व 3/7/25 आर्म्स एक्ट
घटना: पुलिस मुठभेड़ के दौरान पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग।
12. मुकदमा अपराध संख्या 122/2023
दिनांक: 21 अप्रैल 2023
थाना: रोहनिया, कमिश्नरेट वाराणसी (उत्तर प्रदेश)
धारा: 174-ए आईपीसी
घटना: न्यायालय के आदेशों की अवहेलना और फरार रहने का मामला।
13. मुकदमा अपराध संख्या 153/2023
दिनांक: 15 मई 2023
थाना: बड़ागांव, कमिश्नरेट वाराणसी (उत्तर प्रदेश)
धारा: 174-ए आईपीसी
घटना: न्यायालय में उपस्थित न होने और फरार रहने का मामला।

डीआईजी अभिषेक सिंह ने बताया कि ललन सिंह उर्फ लल्लन पर बिहार और उत्तर प्रदेश में हत्या, डकैती, लूट, पुलिसकर्मियों की हत्या, सरकारी हथियार लूटने, पुलिस पर फायरिंग, आर्म्स एक्ट और फरारी से जुड़े कुल 13 गंभीर मुकदमे दर्ज थे। उसके गिरोह पर दो पुलिस उपनिरीक्षकों, बैंक कर्मियों और सुरक्षा गार्डों समेत सात लोगों की हत्या का आरोप था। इसी कारण उस पर कुल 1.25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

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