सहारनपुर : स्मार्ट सिटी सहारनपुर उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया जब अपर नगर आयुक्त से मिलने आए व्यापारियों ने बदसलूकी का आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर दिया। मामले की सूचना मिलते ही व्यापारियों ने दुकानों के शटर गिराने शुरू कर दिए। देखते ही देखते पूरा बाजार बंद हो गया। व्यापारियों का आरोप है कि अपर नगर आयुक्त ने उन्हें न सिर्फ कार्यालय से बाहर निकल जाने को कहा बल्कि जेल भेजने की धमकी भी दे डाली। मामला इतना बढ़ गया कि शहर के हजारों व्यापारी नगर निगम पहुँच गए। निगम परिसर में हंगामा बढ़ा तो अधिकारी ने अपनी गलती माननी पड़ी। जिसके बाद व्यापारी शांत हुए।

आपको बता दें कि पिछले दिनों दिल्ली रोड पर निगम की प्रवर्तन टीम द्वारा एक व्यापारी के साथ मारपीट की जांच का क्या नतीजा निकला, यह जानने के लिए शुक्रवार को व्यापार प्रतिनिधि मंडल के महानगर अध्यक्ष विवेक मनोचा के नेतृत्व में अपर नगर आयुक्त मृत्युंजय से मिलने नगर निगम पहुँचे थे। जहां अपर नगर आयुक्त ने उनके साथ न सिर्फ बदसलूकी कर दी बल्कि उन्हें कार्यालय से बाहर जाने को बोल दिया। इतना ही नहीं जेल भेजने की धमकी भी दे दी। अधिकारी के इस रवैये से नाराज व्यापारी भड़क गए। वे कार्यालय से बाहर आकर धरने पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी करने लगे। इसकी जानकारी मिलते ही कई बाजारों के व्यापारी अपनी दुकानें बंद करके नगर निगम में जमा हो गए।

पूर्व विधायक वीरेंद्र ठाकुर, पार्षद अभिषेक उर्फ टिंकू अरोड़ा भी वहां पहुंचे और उनका समर्थन किया। सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह और अपर नगर आयुक्त प्रथम प्रदीप यादव मौके पर पहुंचे और उन्होंने व्यापारियों और अपर नगर आयुक्त से अलग-अलग वार्ता की। इसके बाद अपर नगर आयुक्त मृत्युंजय ने अपनी गलती स्वीकार की। माफ़ी मांगने पर व्यापारियों ने धरना समाप्त कर दिया। धरने में पुनीत चौहान, सुरेंद्र मोहन सिंह चावला, यशपाल मैनी, सुधीर मिगलानी, सूरजप्रकाश ठक्कर, मदन लांबा आदि मौजूद रहे।
दरअसल पिछले माह नगर निगम की प्रवर्तन टीम प्रतिबंधित पॉलीथिन की जांच करने दिल्ली रोड के बाजार में पहुंची थी। इस दौरान प्रवर्तन टीम की व्यापारियों से कहासुनी हो गई थी। देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया। व्यापारियों ने प्रवर्तन टीम पर एक व्यापारी को दुकान से खींचकर पीटने का आरोप लगाया था। इसके विरोध में व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने 29 जून को दिल्ली रोड पर नगर निगम के खिलाफ धरना दिया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त शिपू गिरि ने जांच के आदेश दिए थे। जांच कमेटी में अपर नगर आयुक्त मृत्युंजय, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण शाह और लेखाकार मनोज त्रिपाठी शामिल थे, लेकिन अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आई है।
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