सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद प्रकरण पर स्वामी प्रबोधानन्द का बड़ा बयान, बोले- ‘हाईकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट जाओ, पाकिस्तान-बांग्लादेश जाना है तो किराया हमसे ले जाओ’

Saharanpur Collectorate Mosque incident

एसएसपी अभिनंदन से मुलाकात के बाद स्वामी ने की कार्रवाई की सराहना, कहा- कलेक्ट्रेट प्रशासनिक कार्यों के लिए है, यहां नमाज का औचित्य नहीं

सहारनपुर : कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर चल रहे विवाद के बीच हिंदू रक्षा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रबोधानन्द गिरि गुरुवार को सहारनपुर पहुंचे। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन सिंह से मुलाकात कर पूरे मामले पर चर्चा की। मुलाकात के बाद स्वामी प्रबोधानन्द गिरि ने प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन करते हुए एसएसपी की सराहना की। उन्होंने कहा कि सहारनपुर के कप्तान ने बहादुरी का काम किया है और कार्रवाई के बाद कलेक्ट्रेट परिसर को सुरक्षित किया गया है।

स्वामी प्रबोधानन्द गिरि ने कहा कि कलेक्ट्रेट शासन और प्रशासन के कामकाज का महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसे स्थान पर नमाज पढ़ने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि नमाज के नाम पर कलेक्ट्रेट परिसर में व्यापारिक गतिविधियां भी संचालित की जाती थीं। स्वामी ने कहा कि कलेक्ट्रेट का इस्तेमाल प्रशासनिक कार्यों के लिए होना चाहिए, किसी भी प्रकार की व्यापारिक गतिविधि के लिए नहीं।

कलेक्ट्रेट में कुआं मिलने का किया दावा

स्वामी प्रबोधानन्द गिरि ने कलेक्ट्रेट परिसर में कुआं मिलने का भी दावा किया। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज में कुएं का धार्मिक महत्व है और विवाह समेत कई धार्मिक परंपराओं में कुएं से जुड़े अनुष्ठान किए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी स्थान पर अवैध तरीके से मस्जिद का निर्माण किया गया था।

एसएसपी से हुई बातचीत का हवाला देते हुए स्वामी ने कहा कि पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है। कुएं की स्थिति और उससे जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच जारी होने के कारण पुलिस की ओर से फिलहाल विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।

जमीन के अधिकार पर भी उठाए सवाल

ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर स्वामी प्रबोधानन्द ने कहा कि प्रशासन ने मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद कार्रवाई की है। उन्होंने मस्जिद पक्ष के जमीन पर अधिकार के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि जमीन वास्तव में वक्फ बोर्ड की थी तो संबंधित पक्ष को उसके दस्तावेज अदालत के सामने पेश करने चाहिए थे।

उन्होंने कहा कि मामला सिटी मजिस्ट्रेट से लेकर जिला अदालत तक पहुंचा और अदालत में जमीन पर अधिकार साबित करने वाले पर्याप्त दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसी आधार पर उन्होंने दूसरे पक्ष के दावे को खारिज करने की बात कही।

स्वामी प्रबोधानन्द ने कहा कि भारत संविधान और कानून से चलता है। देश में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को कानून का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि किसी को भी गुंडागर्दी या दादागिरी करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

योगी सरकार की तारीफ, बोले- अदालत जाने से कोई नहीं रोक रहा

स्वामी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में नियम-कानून के अनुसार व्यवस्था चल रही है और योगी आदित्यनाथ देश के अद्वितीय मुख्यमंत्री हैं।

मस्जिद पक्ष की ओर से कानूनी लड़ाई आगे बढ़ाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि किसी को प्रशासन की कार्रवाई पर आपत्ति है तो वह हाईकोर्ट जा सकता है और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट तक जा सकता है। अदालत जाने से किसी को कोई रोक नहीं है।

इसी दौरान उन्होंने पाकिस्तान और बांग्लादेश जाने को लेकर भी तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान-बांग्लादेश जाना है तो जाओ, किराया हमसे ले जाओ।” स्वामी ने दोहराया कि भारत में रहना है तो संविधान और कानून का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब गुंडागर्दी और दादागिरी नहीं चलेगी और व्यवस्था कानून के अनुसार ही संचालित होगी।

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