प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पद छोड़ने के बाद अजय राय के राजनीतिक भविष्य को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। कयास लगाए जा रहे थे कि वह भाजपा का दामन थाम सकते हैं। लेकिन पिंडरा में अपने समर्थकों के बीच पहुंचकर उन्होंने इन अटकलों को खारिज कर दिया। उनके बयान को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पूर्वांचल की राजनीति में अहम संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
नवरात्र में माता रानी के दर्शन से चुनावी शुरुआत
अजय राय ने सप्तमी के अवसर पर पिंडरा क्षेत्र में स्थित माता रानी के मंदिर में दर्शन-पूजन किया। उन्होंने कहा कि हर नवरात्र में वह माता के दरबार में आशीर्वाद लेने जाते हैं। मंदिर का जीर्णोद्धार पिंडरा के लोगों के सहयोग से कराया गया है और इस स्थान से उनका भावनात्मक जुड़ाव है।
उन्होंने कहा कि इस बार भी पिंडरा परिवार के लोग एकत्र हो रहे हैं और वह उनके स्नेह व आशीर्वाद के बीच चुनावी मैदान में उतरने का संकल्प लेकर आए हैं। उनके मुताबिक, क्षेत्र की जनता और कार्यकर्ताओं का साथ ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
बोले- पद आते-जाते रहते हैं, कांग्रेस का सिपाही हूं
पार्टी बदलने की अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए अजय राय ने कहा, “मैं कहीं नहीं जा रहा हूं, जहां था, वहीं रहूंगा। मैं कांग्रेस का सिपाही हूं।” उन्होंने कहा कि वह राजनीति में केवल पद के लालच से नहीं आए हैं। उनके अनुसार, वह कम उम्र में विधायक बने और मंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाली। उन्होंने दावा किया कि जनता का प्यार उनके साथ रहा है और यही उनकी राजनीतिक पूंजी है।
अजय राय ने बताया कि वह निर्दलीय चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि उस समय भी सत्ता हासिल करने के कई अवसर थे, लेकिन उन्होंने अपनी राजनीतिक राह खुद चुनी। उनका कहना था कि राजनीति का उद्देश्य केवल सत्ता पाना नहीं, बल्कि जनता के मुद्दों को उठाना होना चाहिए।
भाजपा पर लगाया जनता को गुमराह करने का आरोप
अजय राय ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी जनता को प्रलोभन देकर समर्थन हासिल करने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ उनका राजनीतिक संघर्ष लंबे समय से जारी है और 2014, 2019 तथा 2024 के चुनावों में भी उन्हें चुनौती देने के प्रयास हुए।
उन्होंने किसानों, युवाओं और महिलाओं से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं और महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे विषयों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस कार्यकर्ता इन मुद्दों को लेकर मैदान में डटे हुए हैं। ये आरोप अजय राय ने राजनीतिक बयान के रूप में लगाए।
पिंडरा सीट पर फिर होगी राजनीतिक टक्कर
वाराणसी की पिंडरा विधानसभा सीट पहले कोलसला के नाम से जानी जाती थी। अजय राय यहां से पांच बार चुनाव जीत चुके हैं। फिलहाल इस सीट पर भाजपा के अवधेश राय विधायक हैं, जो लगातार दो बार जीत हासिल कर चुके हैं। ऐसे में अजय राय की चुनाव लड़ने की घोषणा से क्षेत्र में राजनीतिक मुकाबले को लेकर चर्चाएं तेज हो सकती हैं।
अजय राय ने कांग्रेस की नेता आराधना मिश्रा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें कार्यकर्ताओं के बीच रहकर मेहनत करनी चाहिए और उनका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी के साथ लगातार संपर्क में रहने की बात भी कही।
अजय राय ने अंत में कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य भाजपा को सत्ता से हटाना है और वह इस दिशा में कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर काम करेंगे। अब देखना होगा कि पिंडरा में उनकी चुनावी सक्रियता आगामी चुनावों में किस तरह का राजनीतिक समीकरण बनाती है।

