बाराबंकी : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ संरक्षण के मुद्दे पर योगी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बाराबंकी पहुंचे शंकराचार्य ने भाजपा सरकार पर गौ संरक्षण को लेकर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि यदि गौमाता को उचित सम्मान और सुरक्षा नहीं मिली, तो चुनाव में इसका राजनीतिक असर देखने को मिलेगा।
‘गाय सुरक्षित होती तो यात्रा निकालने की जरूरत नहीं पड़ती’
अपनी ‘गौ रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा’ के दौरान बाराबंकी पहुंचे शंकराचार्य ने कहा कि भाजपा सरकार में भी गायें सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सरकार वास्तव में गौ संरक्षण के प्रति गंभीर होती, तो उन्हें जनजागरण यात्रा निकालने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती। उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा का उद्देश्य गौमाता की रक्षा और उन्हें ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिलाने के लिए जनसमर्थन जुटाना है।
354 विधानसभाओं तक पहुंची यात्रा
शंकराचार्य ने बताया कि उनकी यात्रा अब तक उत्तर प्रदेश की 354 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि सभी स्थानों पर लोगों से गौ संरक्षण का संकल्प दिलाया जा रहा है और उनसे अपील की जा रही है कि वे केवल उसी राजनीतिक दल का समर्थन करें, जो गौमाता के सम्मान और संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह अभियान राज्य की सभी 403 विधानसभा सीटों तक पहुंचाया जाएगा।
भाजपा को दिया अल्टीमेटम
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने भाजपा को चेतावनी देते हुए कहा कि अभी भी चुनाव में लगभग आठ महीने का समय है। यदि उत्तर प्रदेश सरकार गाय को पशु सूची से हटाकर ‘राज्यमाता’ घोषित करे और केंद्र सरकार से ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिलाने की पहल करे, तो उनके रुख पर पुनर्विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो जनता से उन राजनीतिक दलों का बहिष्कार करने की अपील की जाएगी जो गौ संरक्षण के लिए ठोस कदम नहीं उठाते।
‘बीजेपी के लोग यात्रा से दूर क्यों?’
यात्रा में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं की मौजूदगी को लेकर पूछे गए सवाल पर शंकराचार्य ने कहा कि उन्होंने अभी किसी राजनीतिक दल का समर्थन नहीं किया है। उनके अनुसार जो भी गौमाता के सम्मान की बात करेगा, उसका स्वागत है। उन्होंने कहा कि यात्रा में समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और किसान संगठनों के लोग शामिल हो रहे हैं, लेकिन भाजपा के लोग दिखाई नहीं दे रहे। उन्होंने सवाल उठाया कि जो पार्टी स्वयं को सबसे बड़ा गौभक्त बताती है, वह इस अभियान से दूर क्यों है।
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर भी साधा निशाना
शंकराचार्य ने अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावा और कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले पर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद कम है। उन्होंने कहा कि जिस सरकार ने ट्रस्ट का गठन किया, उसी सरकार ने जांच के लिए एसआईटी बनाई है। इसलिए इस पूरे मामले को उन्होंने “चोर-पुलिस का खेल” बताते हुए जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया आना अभी बाकी है।

